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कुछ तो हैं खुराफाती, जो चाहते हैं कि हसनपुर में न रहे शांति

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दातागंज (बदायूं)। कुछ तो खुराफाती तत्व हैं जो गांव हसनपुर में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। विवाद की जड़ कब्रिस्तान की भूमि है। इस विवाद को निपटाने के लिए एसडीएम की टीम एक-दो दिन में जमीन की नपत कराएगी। उनका कहना है कि जिसकी भी जमीन निकलेगी, उसे दी जाएगी, लेकिन माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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सावन के अंतिम सोमवार को गांव हसनपुर में दो समुदाय के लोग उस समय आमने-सामने आ गए थे जब कांवड यात्रा निकल रही थी। किसी तरह पुलिस-प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया था। करीब डेढ़ दशक पहले इस विवाद की नींव पड़ी थी। गांव में ग्राम देवता का मंदिर है। गांव के सभी लोगों ने एकजुट होकर इस मंदिर को बनवाया था। उस वक्त रहे मुस्लिम प्रधान ने ही मंदिर की नींव रखी थी। जब मंदिर पूरा बनकर तैयार हो गया तभी किसी खुराफाती ने माहौल बिगाड़ने का काम कर दिया। तब गांव में दो समुदायों के बीच काफी तनाव पूर्ण माहौल हो गया था। लगभग डेढ़ साल तक गांव में पीएसी तैनात रही थी।
इस विवाद की जड़ में बताया जा रहा है कि गाटा संख्या 111 में कब्रिस्तान है जिसकी जमीन 1.232 हेक्टेयर है। इसके बराबर में ही ग्राम समाज की जमीन है, जिसके गाटा संख्या 115 में 1.581 हेक्टेयर जमीन है। आरोप है कि एक समुदाय के लोगों ने ग्राम समाज की जमीन को ज्यादा घेर लिया है। कब्रिस्तान के दोनों ओर अनुसूचित जाति बस्ती है। उनका रास्ता भी बीच कब्रिस्तान से है, लेकिन वो रास्ता लिखित में नहीं है। काफी समय से लोग उसी के बीच से आते-जाते हैं। कहा जा रहा है कि किसी बाहरी खुराफाती तत्व ने गांव का माहौल खराब करने की कोशिश की थी। यदि चर्चाओं को सच मानें तो एक समुदाय के लोगों ने अपने घरों की छतों पर पहले से ही ईंट-पत्थर डाल रखे थे, लेकिन पुलिस-प्रशासन की सूझबूझ के चलते विवाद ज्यादा नहीं बढ़ सका।
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एक-दो दिन के अंदर टीम कब्रिस्तान की भूमि की नपत करेगी। जिसकी भूमि होगी उसे उतनी मिलेगी, पर माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
केबी सिंह, एसडीएम दातागंज
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