बरेली। शिवसेना में दो गुट बनने की वजह से संघर्ष की स्थिति चल रही है। इनमें से एक गुट का नेतृत्व कर रहे कथित जिला प्रमुख पंकज पाठक और उनके तीन साथियों को सुभाष नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इन पर शांतिभंग की कार्रवाई कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया। पंकज पर पहले से भी कई केस चल रहे हैं।
बदायूं रोड पर दुर्गा चौक निवासी पंकज पाठक ने कुछ दिन पहले ही खुद को शिवसेना का जिला प्रमुख बताकर विज्ञप्ति जारी की थी। इस पर बंटू सिंह ने एतराज जताकर अधिकारियों से शिकायत की थी। कहा था कि शिवसेना के जिला प्रभारी वही हैं। पंकज की आपराधिक छवि की वजह से उसे यह प्रभार मिलने का सवाल ही नहीं उठता। दोनों गुट एकदूसरे की शिकायतें कर रहे थे और अक्सर झगड़े पर उतारू हो जाते थे। सुभाष नगर इंस्पेक्टर हरिश्चंद्र जोशी के मुताबिक पंकज ने 12 अगस्त को नाथ नगरी परिक्रमा कार्यक्रम के तहत विशाल जुलूस निकालने की अनुमति मांगी थी। पुलिस प्रशासन को पंकज और उसके साथियों से शांतिभंग का अंदेशा था, इसलिए पुलिस की रिपोर्ट के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने भी ये अनुमति रद्द कर दी।
इंस्पेक्टर के मुताबिक अनुमति न मिलने के बाद भी पंकज लोगों से मिलकर जुलूस निकालने का अनुरोध कर रहा था। ये लोग जगह-जगह समूह बनाकर एकत्र हो रहे थे जिससे सावन के आखिरी सोमवार को हालात खराब होने की संभावना थी। इसीलिए पुलिस इनकी तलाश कर रही थी। पुलिस को सूचना मिली कि पंकज अपने घर में बैठकर जुलूस की रूपरेखा बना रहा है। पुलिस ने दोपहर बाद पंकज पाठक, स्वाले नगर निवासी रजनीश सक्सेना, किला के शिवा सक्सेना और करगैना निवासी राजन साहू को हिरासत में ले लिया। पुलिस इन्हें आननफानन शांतिभंग में निरुद्ध कर कोर्ट ले गई और वहां से जेल भेज दिया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि पंकज से जुड़े कुछ और लोगों पर माहौल बिगाड़ने का संदेह है, सोमवार से पहले उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सात मामले दर्ज हैं पंकज पर
पंकज पाठक के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में सात मामले दर्ज हैं। इनमें लूट, घर में घुसकर हमला, छेड़छाड़, दुष्कर्म, गैंगस्टर, गुंडा एक्ट और जान से मारने की धमकी जैसी धारा में कार्रवाई की गई है। हाल ही में पंकज जेल से जमानत पर आया था। उसने अपनी गतिविधियां फिर शुरू कर दीं तो पुलिस उसे फिर पाबंद कर जेल भेजने में लग गई।