बरेली। गुलमोहर पार्क कॉलोनी में सत्संगी दंपती हत्याकांड के आरोपी ऑटो ड्राइवर अनुराग भागवानी का नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट कराने की पुलिस की अर्जी शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दी। भागवानी ने पिछली तारीख पर ही रीढ़ की हड्डी टूटी होने का तर्क देकर नार्को टेस्ट कराने से इनकार कर दिया था। हालांकि अदालत ने पुलिस को उसके फिंगरप्रिंट के नमूने लेने की अनुमति दे दी है। 14 अगस्त को उसके रिमांड के दौरान पुलिस उसके फिंगर प्रिंट लेगी।
सेंट्रल बैंक की अफसर रूपा सत्संगी और उनके पति नीरज सत्संगी की हत्या के आरोप में पुलिस ने ऑटो ड्राइवर अनुराग भागवानी को गिरफ्तार किया है। भागवानी ने हत्या के पीछे जो कहानी बताई, उससे सत्संगी परिवार सहमत नहीं है। हत्याकांड की विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर प्रेमनगर बलवीर सिंह ने सच सामने रखने के लिए मंगलवार को अदालत से अनुराग का नार्को, ब्रेन मैपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की अर्जी दी थी मगर अनुराग ने नार्को टेस्ट कराने से इनकार कर दिया था। अदालत में उसकी पैरवी कर रहे अधिवक्ता अनिल द्विवेदी ने कोर्ट में अर्जी देकर उसकी रीढ़ की हड्डी टूटी बताकर पहले उसका इलाज कराने की मांग की थी। इसके बाद गुरुवार शाम अनुराग को जेल से जिला अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।
शुक्रवार को अनुराग अपनी हालत खराब बताकर कोर्ट नहीं आया। उसका एक्सरे और दूसरी जांच कराई गईं। हड्डी रोग विशेषज्ञ की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है। उसके वकील अनिल द्विवेदी और सरकारी वकील ही कोर्ट पहुंचे। यहां प्रेमनगर इंस्पेक्टर भी मौजूद थे। कोर्ट ने आरोपी की अर्जी के आधार पर नार्को टेस्ट की अनुमति देने से इंकार कर दिया। इंस्पेक्टर को फिंगरप्रिंट लेने की अनुमति दे दी।
इंस्पेक्टर बोले- अनुराग ही असली दोषी
विवेचक बलवीर सिंह ने कोर्ट में कहा कि अनुराग ही हत्यारा है, ये बात विभिन्न तकनीकी व स्थलीय जांच से मिले साक्ष्यों से पुलिस स्पष्ट कर देगी। हत्या को लेकर उसने जो कहानी बताई, उसी को तस्दीक करने के लिए पुलिस उसके टेस्ट कराना चाहती थी। अनुराग खराब हालत का बहाना करके इससे बचना चाहता है। इससे ये साफ हो रहा है कि वही असली दोषी है। पुलिस जल्दी ही उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर देगी।
सत्संगी परिवार लेगा कानूनी राय
नार्को टेस्ट की अनुमति खारिज होने से सत्संगी परिवार विचलित है। परिवार के करीबी कांग्रेस नेता अजय शुक्ला ने परिवार के लोगों से बातचीत के बाद बताया कि वे लोग इस मामले में कानूनी राय लेंगे कि टेस्ट के लिए क्या कोई अपील की जा सकती है। पुलिस की अगली कवायद पर भी उनकी नजर है। टेस्ट होने से सच्चाई सामने आ सकती थी और रूपा सत्संगी के चरित्र पर लगाया दाग धुल सकता था। अब इसके लिए वे कानूनी लड़ाई को और मजबूत करेंगे।