बरेली। बिशारतगंज पुलिस के खिलाफ युवक को मारपीट कर छत से फेंकने का आरोप लगा है। कुछ लोगों ने एसएसपी दफ्तर आकर थाने के दरोगा और पुलिस टीम पर परिवार के युवक को मारपीट कर छत से फेंकने का आरोप लगाया। प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। घायल निजी अस्पताल में भर्ती है।
शनिवार दोपहर एसएसपी दफ्तर में बिशारतगंज के जलालगंज से आए लोगों ने शिकायतें सुन रहे एसपी क्राइम से मुलाकात की। अपने परिवार के शकील अहमद की तहरीर देकर कहा कि शुक्रवार रात नौ बजे थाने के एक दरोगा व कुछ सिपाहियों की टीम उनके घर पहुंचे। शकील छत पर सो रहा था। पुलिस शकील को जगाकर खींचने लगी। उससे कहा कि लखनऊ से तेरी जांच आई है। पांच लाख रुपये दे तो तेरे पक्ष में रिपोर्ट बनाकर भेज देंगे। शकील ने खुद को किसान बताकर कहा कि वह कोई गलत काम नहीं करता है तो इतने रुपये क्यों दे। आरोप है कि रुपये देने को मना किया तो इन लोगों ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस ने उसे जमकर पीटा और फिर छत से फेंक दिया। इससे शकील का पैर दो जगह से टूट गया। वे लोग उसका इलाज करा रहे हैं। एसपी क्राइम ने बिशारतगंज पुलिस से घटना के बारे में जानकारी ली और जांच के आदेश दे दिए। प्राथमिक तौर पर आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
शकील के खिलाफ एनडीपीएस के पुराने मामले दर्ज हैं। बिशारतगंज थाने की कोई टीम उसके घर शुक्रवार रात नहीं गई। जिस दरोगा का नाम लिया जा रहा है वो कई किमी दूर दूसरे गांव में कांवड़ के रास्ते का विवाद निपटा रहे थे। फिर भी शिकायत की जांच कराई जाएगी, हो सकता है कि किसी और जगह से पुलिस आई हो। - रमेश कुमार भारतीय, एसपी क्राइम