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सत्संगी दंपती हत्याकांड- वारदात के तुरंत बाद बरामद हो गईं थीं दोनों चप्पलें

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बरेली। पुलिस के तजुर्बेकार अफसरों की अगुवाई में जिस सत्संगी दंपती हत्याकांड का खुलासा किया गया, उसमें झोल ही झोल दिख रहे हैं। हत्यारोपी की गिरफ्तारी के बाद सबूत जुटाने की कहानी इतनी ढीली है कि पुलिस महकमे के लोग खुद ही उस पर हंस रहे हैं। हत्या के बाद आरोपी की दोनों चप्पलों की बरामदगी मौके पर ही हो गई थी, लेकिन पुलिस ने अब अपनी लिखापढ़ी में एक चप्पल हत्यारोपी अनुराग भागवानी की निशानदेही पर होना दिखा दी है। यही नहीं सत्संगी दंपती के मौके पर मिले मोबाइल फोन भी पुलिस ने उसी दिन अपने कब्जे में ले लिए थे, जिन्हें अब फिर आरोपी के बताने पर कॉलोनी से मिलना बताया जा रहा है। सवाल इस पर भी उठ रहा है कि अगर पुलिस को सर्विलांस के जरिये अनुराग भागवानी का सुराग मिल गया था तो फिर बल्लू जैसे कई लोगों को उठाकर क्यों अंधेरे में तीर चलाए गए।
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पुलिस की अपनी लिखापढ़ी के मुताबिक सत्संगी दंपती की हत्या के बाद जब अनुराग भागवानी मौके से भागा था तो उसकी एक चप्पल मौके पर ही निकल गई थी जिसे 24 जुलाई को ही पुलिस ने कब्जे में ले लिया था। अनुराग अपनी दूसरी चप्पल के साथ रूपा सत्संगी का बैग और दंपती के मोबाइल फोन पड़ोस के खंडहरनुमा प्लॉट में फेंक गया था, जिसे उसकी गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर बरामद किया गया। लिखापढ़ी में सबूत जुटाने की यह कहानी लिखते वक्त पुलिस यह भूल गई कि घटना की रात जब एसपी सिटी ने अपनी टीम के साथ घर के पीछे मुआयना किया तो उन्हें थोड़ी-थोड़ी दूर पर आरोपी की दोनों चप्पलें मिल गईं थीं। एक मकान के ठीक पीछे गली में तो दूसरी रोड पर डिवाइडर के पास मिली। इन्हें पुलिस ने उसी समय कब्जे में ले लिया था। मृतकों के मोबाइल पुलिस को घर में ही मिल गए थे। इन्हें पॉलिथीन में पैक करके टीम ने एसपी सिटी को दे दिया गया था।

परिवार की शिकायत- घटनास्थल पर तस्दीक तक नहीं कराया
पड़ोस के लोग भी पुलिस के दावे से ताज्जुब में
पुलिस के दावे गुलमोहर पार्क कॉलोनी के लोगों को भी नहीं हजम हो रहे हैं। सत्संगी परिवार और उनके नजदीकी कांग्रेस नेता अजय शुक्ला का कहना है कि रात में कई बार पुलिस ने उन्हें थाने बुलाकर आरोपी से आमना-सामना कराया। यानी रात भर परिवार थाने में आरोपी के इर्दगिर्द ही रहा तो पुलिस उसे कॉलोनी में किस वक्त ले आई, ये अचरज की बात है। खुद परिवार भी सवाल कर रहा है कि आरोपी को अगर पुलिस मौके पर लाई तो उस वक्त की फोटो, वीडियो या सीसीटीवी फुटेज दिखाए। कॉलोनी के गार्ड बाबूराम भी चार दिन से लगातार ड्यूटी पर आ रहे हैं। उन्होंने भी पुलिस को किसी आरोपी के साथ मौके पर आकर कोई कार्रवाई करते नहीं देखा। सत्संगी परिवार के पड़ोस के लोग भी पुलिस के दावों से ताज्जुब में हैं। उन्होंने साफ कहा कि तीन दिन से पुलिस कॉलोनी में आई ही नहीं है। यहां से इतनी सारी चीजें कैसे बरामद करके ले गई।
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