फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मैडम चीखीं तो मैं समझ गया पैसा देने के बजाय

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश करने के बाद सत्संगी दंपती के हत्यारोपी अनुराग भगवानी को थाना प्रेमनगर भेज दिया गया जहां कोर्ट भेजे जाने जाने से पहले वह करीब घंटा भर तक मुंशी रूम के फर्श पर पड़ा दर्द से कराहता रहा। इसी दौरान अमर उजाला ने उससे बात की तो बोला कि उसके अपने लालच और रूपा सत्संगी की जिद ने उसे बर्बाद कर दिया। पैसों की तंगी थी इसलिए वह रूपा के कहने से नीरज सत्संगी की हत्या करने को तैयार हो गया। लेकिन जब उनकी हत्या के दौरान रूपा ने शोर मचाकर उसे फंसाने की कोशिश की तो उसने उनकी भी जान ले ली। बोला, पैसा तो मिला नहीं अब जेल में जिंदगी कटेगी। उसके परिवार और छोटी बेटियों का भविष्य तबाह हो गया।
विज्ञापन

अनुराग ने बताया कि वह दस साल सत्संगी परिवार के पड़ोस में रहा था। उस दौरान वह लोगों की कार चलाकर थोड़ा-बहुत पैसा कमाता था। दो साल पहले एक पुराना ऑटो लेकर उसे चलाने लगा। पड़ोस में होने के कारण अक्सर रूपा उसे बुलाकर उसके ऑटो से कोहाड़ापीर ब्रांच जाती थीं। इसी दौरान रूपा सत्संगी से उसके संबंध स्थापित हो गए। मार्च में उसने गुलमोहर पार्क का मकान छोड़ दिया, तब भी रूपा से उसका मिलना-जुलना बरकरार रहा। कुछ दिनों से रूपा ने उसे अपने पति नीरज की हत्या करने के लिए उकसाना शुरू कर दिया था। वह कहती थीं कि पति की बीमारी से लवह परेशान हो चुकी हैं। अब वह रिटायरमेंट के बाद बेटे के साथ गुड़गांव में सेटल होने की जिद कर रहे हैं। उसने चूंकि पहले कभी हत्या नहीं की थी, इसलिए हत्या करने से इनकार करता रहा लेकिन रूपा ने उसे पांच लाख का लालच देकर तैयार कर लिया।
अनुराग ने बताया कि नीरज सत्संगी की हत्या की पूरी योजना रूपा ने ही बनाई थी। रूपा ने ही कहा था कि वह नीरज की हत्या मूसल जैसी किसी चीज से करे ताकि वह एक्सीडेंट लगे। बाद में उन्हें बाथरूम में डाल देंगे। सुबह नौकरानी बाथरूम खोलेगी तो समझा जाएगा कि बाथरूम में टोंटी बगैरह से सिर में चोट लगने की वजह से उनकी मौत हो गई। अनुराग ने बताया कि उसने रूपा से कहा था कि वह उनके घर आएगा तो लोग उसे पहचान लेंगे क्योंकि कॉलोनी में कैमरे भी लगे हैं। इस पर रूपा ने ही उसे साढ़े आठ से दस के बीच जब गली में कोई न हो तब आने की सलाह दी। यह भी कहा कि चेहरे पर टोपी-चश्मे जैसी चीजें लगा ले ताकि कोई पहचान न पाए।
विज्ञापन

अनुराग के मुताबिक 24 जुलाई को वह छिपते-छिपाते रूपा सत्संगी के घर पहुंचा और लोहे का मेन गेट खोलकर अंदर पहुंचा। लकड़ी का दूसरा गेट भी बंद नहीं था। उसने अंदर सोफे पर बैठकर कैप और मास्क उतारा। किचन में खाना बना रही रूपा ने उसके पास आकर कहा कि जब वह पति को रोटी देकर कमरे से निकलें तभी वह उन पर वार करे। उसने ऐसा ही किया। कमजोर नीरज दो-तीन वार में ही गिर पड़े, चीख भी नहीं पाए लेकिन तभी अचानक किचन से रूपा ने चिल्ला-चिल्लाकर कहना शुरू कर दिया कि हाय मेरे पति को मार डाला। पहले तो उसने उन्हें यह कहकर समझाने की कोशिश की कि मैडम आपके कहने पर ही ये किया है मगर रूपा चुप नहीं हुईं और बाहर पड़ोसी इकट्ठे होने लगे तो वह समझ गया कि रूपा उसे पैसा देने के मूड में नहीं हैं बल्कि उसे फंसाना चाहती हैं। गुस्से में उसने रूपा पर भी ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए। दराज में कुछ और नहीं मिला तो उनका पर्स उठाया और छत पर जाकर पीछे कूद गया।

कासगंज और बदायूं के बीच की गिरफ्तारी
पुलिस ने अपने रिकार्ड में अनुराग भागवानी की गिरफ्तारी प्रेमनगर इलाके से दिखाई है लेकिन अनुराग के मुताबिक उसे पुलिस ने मंगलवार शाम बदायूं और कासगंज के बीच गिरफ्तार किया गया। उसने बताया कि दिल्ली में महंगे इलाज से घबराकर वह आगरा के शाहगंज में अपनी बहन कविता के घर आ गया था। उन्हें उसने बताया कि एक्सीडेंट में यह फ्रेक्चर हुआ है। कविता काफी घबरा गई और उसके मना करने के बाद भी उसकी पत्नी रुचि को फोन करके आगरा बुला लिया। इसके बाद रुचि के साथ वह एंबुलेंस से बरेली आ रहा था तभी पुलिस ने रुचि का नंबर ट्रेस करके उसे पकड़ लिया।

बहन माधवी साहू लड़ चुकी है मेयर का चुनाव
शहर से आईएमसी प्रत्याशी के तौर पर मेयर का चुनाव लड़ने वाली माधवी साहू अनुराग की सगी बड़ी बहन हैं। माधवी बदायूं से भी निकाय चुनाव लड़ चुकी हैं। माधवी ने लव मैरिज की थी। माधवी से छोटा अनुराग और फिर दो बहनें हैं। अनुराग का एक बहनोई बदायूं का सट्टा किंग बताया जाता है जिसकी पूरे बरेली मंडल में गहरी जड़ें हैं और हर पुलिस अधिकारी उसे जानता है। अनुराग ने बताया कि लल्ला मार्केट के पीछे रहने वाली रुचि शर्मा से उसने भी 16 साल पहले प्रेमविवाह किया था। उसकी दो बेटियां 14 साल की आहना और नौ साल की इशा है। पत्नी पार्लर चलाकर और कोचिंग पढ़ाकर गुजारा करती है।

मां बोली- मुझे यकीन नहीं बेटे ने हत्या की है
राजेंद्र नगर में किराये के घर में बुधवार दोपहर मिलीं अनुराग की मां पुष्पा ने बताया कि अनुराग का ऑटो सर्विस को एजेंसी पर पड़ा है। फिलहाल वह किसी की कार लेकर बुकिंग पर चला जाता था। 24 जुलाई की शाम साढ़े सात बजे वह बेटियों को समोसे दिलाकर गया था। मोबाइल खराब था जो घर छोड़ गया। इसके बाद नहीं लौटा। उन्हें लगा कि वह लंबी बुकिंग पर गया है और पहले की तरह कुछ दिन बाद आएगा। सोमवार को रुचि ने बताया कि दिल्ली से कॉल आई है, अनुराग की दादी बीमार हैं। वो उन्हें देखने की बात कहकर निकली थी। मंगलवार को रुचि का फोन आया कि अनुराग का एक्सीडेंट हो गया है और वह आगरा में है। कहा था कि उसे बरेली लेकर आ रहे हैं। तब से न वो लौटी है न बेटा। पुलिसवाले जरूर दो बार घर तलाश कर चले गए। उन्होंने सुना है कि बेटे का हत्या में नाम आया है पर उन्हें यकीन नहीं हो रहा।
पुलिस टीम को मिलेगा इनाम
डीआईजी ने बताया कि पॉश एरिया में हुई इस हत्या के बाद लोगों में दहशत थी। बड़ी घटना होने की वजह से उच्चाधिकारियों की भी इस पर नजर थी। इसलिए उन्होंने खुलासा करने वाली संयुक्त टीम को उनकी ओर से 50 हजार इनाम दिया जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद एसएसपी मुनिराज जी ने भी 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें