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साहब! तो हफ्ते भर हाथ में अपनी एक चप्पल लिए भागता रहा हत्यारा

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बरेली। सत्संगी दंपती हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा तो कर दिया लेकिन पुलिस की थ्योरी में कई सवाल ऐसे हैं जो सभी को असमंजस में डाले हुए हैं। पुलिस का सबसे हैरतअंगेज दावा हत्यारे अनुराग भागवानी से उस दूसरी चप्पल की बरामदगी का है जिसे पुलिस के मुताबिक वह पहनकर सत्संगी दंपती की हत्या करने उनके घर गया था। एक चप्पल पुलिस ने मौके से बरामद की थी और दूसरी की बरामदगी अब सात दिन बाद अनुराग भागवानी के पास से बरामद बता रही है। यानी पुलिस के मुताबिक अनुराग भागवानी एक चप्पल साथ में लेकर दिल्ली-आगरा तक के चक्कर काट आया।
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सत्संगी दंपती की हत्या 24 जुलाई को रात दस बजे हुई थी। इसी दौरान रूपा सत्संगी की चीखें सुनकर आसपड़ोस के लोग उनके घर के बाहर इकट्ठे हुए तो हत्यारा उनके घर की छत से पीछे की तरफ कूदकर भाग निकला। भागते वक्त उसकी एक चप्पल मौके पर ही छूट गई थी जिसे पुलिस ने उसी रात अपने कब्जे में ले लिया था। बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को जानकारी दी गई कि पुलिस ने हत्यारोपी अनुराग भागवानी से रूपा सत्संगी के साथ उसकी दूसरी चप्पल भी बरामद की है। इस दावे पर मीडिया में सवाल उठने शुरू हो गए। यह बात किसी के गले नहीं उतरी कि अनुराग भागवानी अपनी एक चप्पल गुलमोहर पार्क कॉलोनी में ही छूटने के बाद दूसरी चप्पल साथ लिए दिल्ली से आगरा तक घूमता रहा। थाने की पुलिस भी इसका कोई हजम होने वाला जवाब नहीं दे पाई।

खड़ा होना मुश्किल तो दिल्ली-आगरा दौड़ा कैसे
बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेश किए गए अनुराग भागवानी की हालत अपने जोर पर खड़े होने लायक भी नहीं थी। दो सिपाही उसे सहारा देकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के सामने लाए और उसके फोटो खिंचते ही उसे वापस ले गए। उससे किसी को कोई सवाल भी नहीं पूछने दिया गया। अनुराग भागवानी की हालत देखकर यह यकीन करना मुश्किल था कि इसी हालत में सत्संगी दंपती की हत्या करने के बाद डेलापीर तक पैदल चलकर गया और फिर वहां से दिल्ली चला गया। दिल्ली से वह आगरा पहुंचा और फिर बरेली आया।
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एक दिन पहले बल्लू, रातोंरात सिंधी कैसे हुआ
हत्या के तीसरे दिन पुलिस ने सिकलापुर के रहने वाले बल्लू को हिरासत में लिया था और फिर चार दिन उसे अलग-अलग जगह रखकर उससे पूछताछ करती रही। सोमवार को पुलिस ने जब उसे निर्दोष मानकर रिहा किया उस वक्त तक पुलिस के पास अनुराग भागवानी के बारे में न कोई सूचना थी न कोई सुराग। मंगलवार देर रात पुलिस महकमे में यह सुगबुगाहट शुरू हुई कि पुलिस ने सत्संगी दंपती मर्डर केस में किसी ऑटो वाले को पकड़ा है, फिर बुधवार को हत्याकांड का खुलासा कर दिया गया। अब सवाल उठ रहा है कि अनुराग भागवानी तक पुलिस कैसे पहुंची। प्रेस कॉन्फ्रेंस में तो इसकी कोई साफ जानकारी नहीं दी गई लेकिन अंदाजा लगाया गया कि मंगलवार को ही मिली किसी सूचना पर पुलिस ने आनन-फानन में जाल बिछाकर अनुराग भागवानी को गिरफ्तार कर लिया। फिर चुटकियों में डबल मर्डर का खुलासा कर दिया।

दस साल पड़ोस में रहा और पड़ोसियों ने नहीं पहचाना
पुलिस की कहानी के मुताबिक अनुराग भागवानी दस साल तक गुलमोहर पार्क कॉलोनी में ही सत्संगी दंपती के घर के पड़ोस में रहा। मार्च में ही मकान बिकने के बाद उसने यह ठिकाना छोड़ा था। ऐसे में यह भी आश्चर्यजनक माना जा रहा है कि वीडियो फुटेज और फोटो देखकर उसे कॉलोनी के किसी व्यक्ति ने पहचाना क्यों नहीं। हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीआईजी ने भी इस पर टिप्पणी की लेकिन लोगों की जुबान पर फिर भी यह सवाल उभरता रहा।

चाय पीने वाले दो थे तो तीन कप क्यों
हत्या के बाद सत्संगी दंपती के घर पर ड्राइंग रूम की टेबल पर चाय के तीन खाली कप रखे मिले थे। इससे पुलिस ने अनुमान लगाया था कि जिस किसी ने भी सत्संगी दंपती की हत्या की, उसने पहले उनके साथ बैठकर चाय पी थी। लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने बताया कि सत्संगी दंपती के घर में घुसे अनुराग भागवानी ने कैप और मास्क उतारने के बाद सीधे पहले नीरज और फिर रूपा की हत्या कर दी और फिर भाग गया। पुलिस की थ्योरी में ऐसा कोई जिक्र नहीं है कि रूपा सत्संगी के दफ्तर से घर लौटने के बाद कोई उनके घर आया था। ऐसे में यह सवाल भी कायम है कि घर में तीसरे कप में चाय पीने वाला शख्स आखिर कौन था।

फटे चेक की भी कहानी तो बताइए
मौके पर एक फटा चेक भी पड़ा पाया गया था। पुलिस की थ्योरी में बुधवार को इसका भी कोई जिक्र नहीं आया। फटे चेक की वजह से ही पहले माना जा रहा था कि लेनदेन के किसी विवाद में सत्संगी दंपती का मर्डर हुआ।
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