बदायूं। बिल्सी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात करीब आधा दर्जन बदमाशों ने सड़क पर कीलें डालकर महिला अस्पताल से डिस्चार्ज प्रसूता को लेकर उसके घर जा रही 102 नंबर एंबुलेंस को रोक लिया और उसमें लेटी महिला मरीज, उसके परिवार वाले, आशा वर्कर और एंबुलेंस स्टाफ को असलहों के बल पर लूट लिया। महिलाओं से गहने उतरवा लिए। उसके बाद मौके से फरार हो गए। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
यह घटना शनिवार रात करीब दस-सवा दस बजे की है। उस समय 102 नंबर एंबुलेंस महिला अस्पताल से प्रमिला पत्नी रामऔतार को डिस्चार्ज होने के बाद उनके गांव बेहटा गुसांई छोड़ने जा रही थी। प्रमिला की दो दिन पहले महिला अस्पताल में डिलीवरी हुई थी। एंबुलेंस में प्रमिला के अलावा उसका पति रामऔतार, सास धनदेवी और आशा वर्कर बैठी थी। यह एंबुलेंस हाईवे से उतरकर बेहटा गुसांई वाले मार्ग पर पहुंची थी कि कुछ दूर चलकर अचानक एंबुलेंस का अगला पहिया पंक्चर हो गया। इस पर चालक चंद्रशेखर ने एंबुलेंस को रोक लिया। चालक और ईएमटी दुर्गेश नीचे खड़े होकर एंबुलेंस का पहिया देख ही रहे थे कि तभी छह बदमाशों ने उन पर हमला बोल दिया। उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। एंबुलेंस में बैठे महिला और उसके परिवार वालों को असलहों के बल पर ले लिया। फिर उनके साथ लूटपाट शुरू कर दी। बदमाशों ने प्रसूता के कुंडल, उसकी सास के कुंडल और पांच हजार रुपये, पति से 16 हजार रुपये, आशा वर्कर के कुंडल, ईएमटी से पांच हजार रुपये और चालक से सात हजार रुपये लूट लिए। उसके बाद सभी बदमाश मौके से फरार हो गए।
इसके बाद चालक और ईएमटी ने तुरंत यूपी-100 को सूचना दी। फिर अपने अधिकारियों को बताया। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। कुछ देर बाद एंबुलेंस के जिला प्रभारी रोहित यादव भी पहुंच गए। पुलिस को मौके पर कीलों लगा एक पट्टा मिला है। फिलहाल प्रसूता को दूसरे वाहन से उसके घर पहुंचा दिया गया है। देर रात तक पुलिस इलाके में कांबिंग करती रही लेकिन बदमाशों का कुछ पता नहीं चला। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि कांवड़ ड्यूटी पर हैं, उन्होंने एसएसआई को मौके पर भेजा है।