बरेली। शहर में हत्याओं का सिलसिला रुक नहीं रहा। शुक्रवार देर रात बजरंग ढाबे से आगे पीलीभीत हाईवे किनारे रखीं टाइल्स के बीच में सीआरपीएफ के पूर्व जवान र्की इंट से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई। लूट की खातिर हत्या जैसे मामले में सुबह लोगों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि हुई, देर रात शव की पहचान हो गई। भाई ने दोस्तों पर शक जताते हुए तहरीर दी है। फील्ड यूनिट ने मौके से साक्ष्य जुटाए।
शनिवार सुबह साढ़े बजे मार्निंग वॉक को जा रहे लोगों ने बजरंग ढाबे से पीलीभीत हाईवे पर बढ़ते ही बायीं ओर प्लॉट में रखी टाइल्स के बीच एक युवक का शव पड़ा देखा। शव का सिर बुरी तरह से कुचला हुआ था। पास में दो ईट रखी थीं जिन पर खून और मृतक के सिर के बाल लगे थे। हत्या का शोर मचा तो मौके पर काफी भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पर इज्जतनगर पुलिस आ गई। पुलिस ने शव को सील किया। जानकारी में पता लगा कि वीके अग्रवाल नाम के व्यक्ति का प्लॉट है। इसे उन्होंने राजस्थान के टाइल्स व्यवसायी को किराए पर दे रखा है। व्यवसायी राजस्थान से यहां टाइल्स लाते हैं और स्थानीय व्यवसायियों को थोक में उपलब्ध कराते हैं। इन्हीं टाइल्स के चट्टों के बीच में शव पड़ा था। सामने की दुकान वालों ने बताया कि रात 12 बजे उन्होंने दुकान बंद की, तब तक ऐसा कुछ नहीं था।
मृतक करीब 30 साल का था और जींस व शर्ट पहने था। उसकी जेब में कोई मोबाइल या पर्स नहीं था जिससे उसकी पहचान में दिक्कत आई। देर शाम संजय नगर के गोपाल नगर निवासी नीरज ने पोस्टमार्टम हाउस जाकर शव की पहचान अपने छोटे भाई अवधेश कुमार के रूप में की। बताया कि अवधेश शुक्रवार शाम सात बजे घर से चला गया था। वह खाने पीने का शौकीन था और कई बार देर रात या सुबह घर आता था, इसलिए उन लोगों ने उसे नहीं खोजा। सुबह तक वह नहीं लौटा तो वह तुलाशेरपुर निवासी दोस्तों के पास उसे देखने गए। तब से उसे खोज रहे थे। बारादरी थाने में पुलिस को सूचना देने गए तो पता लगा कि इसी कद काठी का शव इज्जत नगर क्षेत्र में मिला है। उन्होंने शव पहचान लिया। बताया कि भाई के दोस्तों ने ही खाने पीने के दौरान उसकी हत्या और लूट की होगी। इंस्पेक्टर केके वर्मा ने बताया कि शव की पहचान हो गई है, परिवार की तहरीर के मुताबिक रिपोर्ट कर आरोपियों की तलाश करेंगे।
छह साल पहले छोड़ दी नौकरी
अवधेश ने वर्ष 2010 में सीआरपीएफ में नौकरी शुरू की। 2013 में नौकरी छोड़ दी। वर्ष 2013 में ही तिलहर की रचना से शादी हुई। दो साल का बेटा भी है। भाई नीरज ने बताया कि अवधेश दूसरी सरकारी नौकरी की तैयारी के साथ ही पत्नी को बीटीसी करा रहे थे। वे चार भाई थे, पिता एफसीआई से रिटायर हो चुके हैं।