बरेली/दातागंज। रामगंगा किनारे की जमीन वक्त के साथ बेशकीमती हुई है तो उस पर कब्जे को लेकर खूनी संघर्ष भी आम बात हो गई है। यहां भी फार्महाउस मालिक को कब्जा न छूटने की वजह से जमीन कम भाव में बेचनी पड़ी तो दूसरे खरीदारों से कब्जेदारों का विवाद शुरू हो गया। दोनों पक्षों में पहले भी इसी वजह से विवाद हुए हैं। दोनों ही पक्ष जमीन अपनी होने का दावा कर रहे हैं पर पुलिस प्रशासन आज तक सीमांकन कराकर इनका विवाद खत्म नहीं करा सका है।
बताते हैं कि सेहरा पुख्ता की 198 बीघा जमीन दिल्ली निवासी सोनू सोलंकी ने कुछ साल पहले खरीदकर यहां फार्महाउस बना दिया था। उन्होंने पंखिया नगला के लोगों को यह जमीन बटाई पर दे दी थी। करीब सात साल तक वे इसकी देखभाल करने नहीं आए तो बटाईदारों ने यह जमीन कब्जा ली। बाद में सोनू सोलंकी ने पुलिस प्रशासन की मदद ली तो 160 बीघा जमीन खाली कर दी गई। परेशान सोनू ने छह महीने पहले अपनी सारी जमीन पड़ेरा निवासी अतहर समेत उनके पक्ष के सात लोगों को बेच दी। अतहर पक्ष ने बाकी जमीन पर तो खेती शुरू कर दी पर करीब तीस बीघा जमीन पर तारकशी करके इरशाद पक्ष के इमरान अली ने खेती शुरू कर दी है। अतहर और इमरान में इसी बात को लेकर विवाद चल रहा है। छह महीने में दोनों पक्ष कई बार सामने आ चुके थे और मारपीट भी हो चुकी थी। प्रकरण का निस्तारण न होने से बात बढ़ गई और नौबत फायरिंग तक आ गई।