बरेली। बहुचर्चित हिमांशु गिहार मामले की सुनवाई मंगलवार को न्यायाधीश उमेश चंद्र पांडेय की अदालत में हुई। सीबीसीआईडी के तत्कालीन सीओ ने अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखा। अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 23 जुलाई तय की है।
छह जनवरी 2016 को फरीदपुर थाना क्षेत्र में गुलाबनगर गांव के पास 18 वर्षीय हिमांशु गिहार का एनकाउंटर कर दिया गया था। हिमांशु अपने दो दोस्तों के साथ बाइक पर क्रिकेट मैच खेलने जा रहा था। उधर, पांच जनवरी की रात शाहजहांपुर के तिलहर कस्बे में एक व्यापारी के यहां हुई डकैती के बाद वहां की पुलिस ने नाकाबंदी कर रखी थी। उसी दौरान चेकिंग को निकले शाहजहांपुर के कटरा थाने के एसओ ने हिमांशु की बाइक रुकवाना चाही। तीन सवारी होने की वजह से हिमांशु ने रुकने के बजाय बाइक फरीदपुर की ओर दौड़ा दी। तभी एसओ मीरानपुर कटरा हिमांशु का पीछा करने लगे। आरोप है कि फरीदपुर थाना क्षेत्र में गुलाबनगर गांव के पास पुलिस ने एनकाउंटर में हिमांशु को मार डाला। हिमांशु शाहजहांपुर के दिलजाक मोहल्ला निवासी आर्डिनेंस फैक्ट्री के दीवान अशोक गिहार का बेटा था। अशोक ने अपने बेटे हिमांशु की हत्या का आरोप पुलिस पर लगाते हुए फरीदपुर थाने से लेकर आला अफसरों तक के दफ्तरों में चक्कर लगाए, लेकिन किसी ने उनकी फरियाद नहीं सुनी। आखिर में शाहजहांपुर दौरे पर आए प्रमुख सचिव के निर्देश पर 19 अगस्त 2006 को वहीं सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें मीरानपुर कटरा एसओ रहे दिनेश कुमार सिंह सिपाही कमलेश, सुरेश व अंजनी पांडेय को नामजद किया गया था। यह मुकदमा पहले फरीदपुर थाने और फिर प्रमुख सचिव गृह के आदेश पर सीबीसीआईडी ट्रांसफर हुआ था। सीबीसीआईडी ने इस बहुचर्चित मामले में विवेचना पूरी करने के बाद कटरा थाने के तत्कालीन एसओ दिनेश कुमार सिंह, सिपाही कमलेश, सुरेश व अंजनी पांडेय के खिलाफ हत्या के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। मंगलवार को सीबीसीआईडी के तत्कालीन सीओ और इस मुकदमे के विवेचक रहे शिवराम यादव ने अदालत पहुंचकर गवाही दी। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 23 जुलाई तय की है।
हिमांशु के पिता के पिता सड़क हादसे में घायल
बरेली। हिमांशु एनकाउंटर की पैरवी उनके पिता अशोक गिहार कर रहे हैं। शाहजहांपुर में 11 जुलाई को स्कूटी पर जाते समय अशोक सड़क हादसे का शिकार हो गए थे। पैर में फ्रैक्शर होने से अशोक मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।