बरेली। चार दिन पहले जब विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल की बेटी साक्षी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी। इस वीडियो में अपने पिता से खुद अपनी और अपने पति की जान का खतरा बता रही साक्षी पर पहली बार में किसी ने अविश्वास भी नहीं किया, लेकिन फिर साक्षी अपनी ही कहानियों और आरोपों में घिरती गईं। आरोप न साबित होते दिखे न काबिल-ए-यकीन। बचपन से जवान होने तक परिवार में तिरस्कृत होने की बातों पर लोगों ने यकीन नहीं किया तो टीवी चैनल में बैठकर पिता से बात करने का अंदाज भी लोगों नहीं भाया। अजितेश से जुड़ी नकारात्मक बातों से और उल्टा असर हुआ। नतीजा यह हुआ कि सोशल मीडिया पर पिता और बेटी के संबंधों पर एकतरफा राय देने का सिलसिला शुरू हो गया। साक्षी ही नहीं, अजितेश भी इस सोशल वार का जमकर निशाना बने।
साक्षी की वीडियो वायरल होने के बाद फेसबुक पर सैकड़ों पोस्ट डाली गईं, इनमें इक्का-दुक्का ही साक्षी के खिलाफ नहीं थीं। विधायक पप्पू भरतौल के विरोधी के तौर पर जाने जाने वाले कुछ लोगों ने भी अपनी पोस्ट में बेहिचक उनसे हमदर्दी जताते हुए साक्षी पर निशाना साधा तो कई दूसरे शहरों के लोगों ने भी सवाल किए कि प्यार करना तो ठीक है, लेकिन टीवी चैनलों पर पिता की इस कदर बेइज्जती करने की क्या जरूरत है। कोलकाता की श्वेता नरेश झा ने फेसबुक पर लिखा- माफ करना साक्षी, तुम्हारा प्रेम प्रेम के के बजाय ड्रामा ज्यादा लग रहा है। बदायूं के ज्ञानेश पाठक ने कहा- अगर बेटियां ऐसी हों तो यही कहूंगा... भगवान अगले जन्म में मोहे बेटी न दीजो। एक पोस्ट की गई- बिना हथियार बाप के हजारों टुकड़े कर डाले।
अजितेश भी जमकर निशाना बने। फेसबुक पर उन्हें यह कहकर लानत दी गई कि दोस्त बनकर, उसके घर में खाकर घर की बहन-बेटियों पर नजर। जो दोस्त का न हुआ, वह किसका होगा। किसी ने यह भी कहा- जिस थाली में खाया, उसी में छेद किया.. विश्वासघाती। इन पोस्ट पर हजारों कमेंट भी आए। पिता पर लगाए आरोपों पर यकीन करने के बजाय लोग इनमें साक्षी को ही नसीहत देते नजर आए।
अंजना ओम कश्यप भी निशाने पर
सिर्फ साक्षी ही नहीं अपने टीवी चैनल की डिबेट में विधायक पिता को खलनायक साबित करने की कोशिश करने वाली एंकर अंजना ओम कश्यप भी सोशल मीडिया में निशाने पर हैं। साक्षी और अजितेश को लानत-मलामत देने के साथ लोग अंजना ओम कश्यप पर भी सवाल दागने से लोग नहीं चूक रहे हैं। फेसबुक पर उनके खिलाफ एक के बाद एक धड़ाधड़ पोस्ट की गईं। विधायक गोपामऊ ने भी लिखा, अंजना ओम कश्यप अपने चैनल पर बैठकर लोगों को अपमानित करना, एक बाप की इज्जत की धज्जियां उड़ाना, प्रोटोकॉल में एक प्रमुख सचिव के बराबर एक विधायक को असम्मानजनक तरीके से संबोधित करना कितना उचित है। क्या मुझ दलित (पासी) के बेटे से अपनी बेटी के रिश्ते का प्रस्ताव स्वीकार कर अपनी कथनी और करनी को एक साबित करते हुए समाज में उदाहरण प्रस्तुत कर सकती हैं।
भाई ने कहा- तुमने ठीक नहीं किया शीनू, कम से कम मेरा तो ख्याल किया होता
परिवार में साक्षी के न सिर्फ सबसे करीब भाई विक्की थे बल्कि उसके पैरोकार भी थे। विक्की के मुताबिक पिता से सिर्फ साक्षी ही नहीं उनकी भी कम ही बात होती थी लेकिन इसका मतलब नहीं कि उनका लगाव कम था। परिवार वालों पर पढ़ाई न करने देने के आरोप को गलत आरोप बताते हुए विक्की ने कहा कि उसने पढ़ाई के लिए जयपुर जाने की इच्छा जताई तो उन्होंने ही परिवार में उसकी पैरवी की। जयपुर के जिस कॉलेज में मोबाइल प्रतिबंधित था, वहां उसे उसकी फरमाइश पर 20 हजार रुपये का मोबाइल भी दिलाया। 26 जून को साक्षी घर लौटी थी और उसके सामने मास्टर्स में एडमिशन लेने की इच्छा जताई थी। उन्होंने उसे कह भी दिया था कि वह उसका एडमिशन करा देंगे लेकिन तीन जुलाई को वह घर से चुपचाप चली गई। घर में सबसे ज्यादा उसकी उन्हीं से पटती थी, फिर भी उसने कुछ नहीं बताया। विक्की ने कहा कि मम्मी-पापा की बात उन्हें नहीं मालूम, लेकिन शीनू (घर का नाम) ने उनके साथ ठीक नहीं किया। कम से कम उसे उनका तो ख्याल करना चाहिए था।
बेधड़क विधायक बगावती बिटिया के आगे ‘हताश’
बरेली। अपने बिंदास और बेधड़क अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल बागी हुई अपनी बेटी की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद अपने घर की चहारदीवारी में ही सिमटे हुए हैं। सियासी और सामाजिक तौर पर उनके करीबी लोगों का जरूर उनके घर और कार्यालय पर जमावड़ा लगा हुआ है। मीडिया के लोगों का भी तांता टूटने में नहीं आ रहा है। बेटी के आरोपों को लेकर लगातार किए जा रहे सवालों से हताश विधायक अब इस मुद्दे पर ज्यादा बात भी नहीं करना चाहते। कहते हैं कि अब सब कुछ ईश्वर के ऊपर छोड़ दिया है। वही उनके साथ न्याय करेगा।
शनिवार को भी विधायक राजेश मिश्रा के आशियाना कॉलोनी स्थित अपने कार्यालय पर आम लोगों और मीडिया वालों के बीच घिरे रहे। सांसद धर्मेंद्र कश्यप भी उनसे मिलने पहुंचे। विधायक राजेश मिश्रा ने सांसद धर्मेंद्र कश्यप से तो कुछ देर बात की लेकिन बाकी लोगों से हाथ जोड़कर निवेदन करते नजर आए कि वह इस मुद्दे पर और कोई बात नहीं करना चाहते। टीवी चैनलों से तमाम बार फोन कॉल्स आईं तब भी उन्होंने यही आग्रह किया कि इस मामले में उन्हें अब बख्श दिया जाए। विधायक के कार्यालय परिसर में उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं का भी पूरे दिन जमावड़ा रहा। लोग आपस में दबी जुबान से उनकी बेटी के आरोपों पर चर्चाएं करते रहे। उसके पति अजितेश उर्फ अभि को लेकर उठ रहे सवाल भी इन चर्चाओं का हिस्सा बनते रहे।
विधायक बोले- मेरे सामने घर पर नहीं फटकता था अजितेश
विधायक राजेश मिश्रा ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अजितेश उर्फ अभि उनके बेटे विक्की का दोस्त था। हालांकि उसकी और विक्की की उम्र में काफी अंतर है। उन्होंने बताया कि उन्हें विक्की से अजितेश की दोस्ती की तो जानकारी थी, लेकिन अजितेश उनके घर पर भी अक्सर आता-जाता था, यह उन्हें अब पता लगा है। दरअसल अजितेश तभी उनके घर आता था, जब वह नहीं होते थे। बेटी साक्षी के इस आरोप पर कि वह उसके साथ ज्यादा बात नहीं करते थे, उन्होंने कहा कि यह आरोप गलत है। बेटे और दोनों बेटियों से वह हमेशा दोस्ताना व्यवहार रखते थे। वह जब भी घर पहुंचते थे और कभी उन्हें कोई गुमसुम दिखता था तो वह हंसी-मजाक कर उसे बगैर हंसाए नहीं छोड़ते थे। हालांकि अब इन बातों का कोई मतलब नहीं है। जो होना था, हो चुका है। वह अब इस मसले पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते। अपने काम में व्यस्त होना चाहते हैं।
अजितेश के चरित्र पर पड़ोसियों ने उठाए सवाल
टीवी चैनलों का रुख शनिवार को वीर सावरकर नगर नाम की उस कॉलोनी की ओर भी रहा जहां अजितेश उर्फ अभि का घर है। टीवी चैनलों से बातचीत के दौरान अजितेश के पड़ोसियों ने ही उसके चरित्र पर सवाल उठाए। इंजीनियर एके सिंह समेत कई लोगों का कहना था कि अजितेश नशे का आदी है और कॉलोनी में काफी दबंग तरीके से रहता था। कई लोगों से उसने मारपीट की थी तो रुतबा कायम करने के लिए अक्सर पिस्टल और नीली बत्ती लगी गाड़ी के साथ अपने फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर चुका था। पड़ोसियों का कहना था कि कॉलोनी में ही अजितेश पर लड़कियों से छेड़खानी करने के कई बार आरोप लगे, थाने में भी ये मामले पहुंचे। एक मामले में मारपीट के बाद अजितेश ने तीन लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट भी लिखाई थी। पड़ोसियों के आरोपों पर अजितेश और उसके पिता हरीश कुमार से फोन पर कई बार बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनके फोन पर कॉल ही रिसीव नहीं हुई। साक्षी के फोन पर भी घंटी जाती रही, लेकिन उसने भी फोन नहीं उठाया।
साक्षी की मां ने खाना-पीना छोड़ा, हालत बिगड़ी
साक्षी के घर से जाने और फिर वीडियो वायरल कर अपने पिता और मां पर तमाम आरोप लगाए जाने के बाद पहले से पीजीआई लखनऊ में इलाज करा रही विधायक की पत्नी सुनीता मिश्रा की हालत बिगड़ गई है। विधायक परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक बेटी के आरोपों से सदमे में आई सुनीता कई दिनों से कुछ खा-पी नहीं रही है, इसलिए कमजोरी की वजह से उनकी हालत बिगड़ गई है। बरेली में ही उनका इलाज कराया जा रहा है।