बरेली। परिषदीय विद्यालयों में अभी निशुल्क यूनिफार्म वितरण प्रक्रिया शुरू भी नहीं हुई लेकिन खंड शिक्षा अधिकारियों (बीइओ) पर फर्जीवाड़ा किए जाने की शिकायतें शासन स्तर तक पहुंचने लगी हैं। मामले पर शासन ने सूबे के सभी जिलाधिकारियों को शिकायतों की सघन जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित बीइओ से रिकवरी और एफआईआर दर्ज कराकर विभागीय कार्रवाई किए जाने की कार्रवाई की सूचना तत्काल शासन को दिए जाने के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि पिछले साल भी यूनिफार्म और स्वेटर की खरीद में बड़ा खेल उजागर हुआ था। घटिया किस्म के स्वेटर चंद दिनों में ही उधड़ गए थे और ड्रेस का रंग भी फीका पड़ गया था। सूत्रों के मुताबिक शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने की रिपोर्ट में फिसड्डी साबित हुए बीइओ यूनिफार्म वितरण के मामले में काफी ‘तेजी’ बनाए हुए हैं। नगर क्षेत्र, शेरगढ़, बहेड़ी, फतेहगंज पश्चिमी, आलमपुर ब्लॉक में तैनात बीइओ पर आरोप है कि वे अपने चहेतों से ड्रेस खरीदने के लिए प्रधानाध्यापकों दबाव बना रहे हैं। साथ ही, नियमों को धता बताते हुए पसंदीदा फर्म/समूह से ही ड्रेस खरीदने की सूची शिक्षकों को दे रहे हैं। जो शिक्षक गुणवत्ता सही न पाए जाने पर आपूर्ति से इनकार कर रहे हैं उन्हें डिप्टी साहब, एबीआरसी, डूडा वाले फोन कर परेशान कर रहे हैं। सबसे बड़ा ‘खेल’ शेरगढ़ ब्लॉक में चल रहा है। बताया कि जाता है कि अबकी बार जिस मानक का कपड़ा खरीदने को शासन ने निर्देशित किया है उस मानक का कपड़ा बाजार में फिलहाल उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यूनिफार्म किस गुणवत्ता के क पड़े की बन रही है यह जांच का विषय है।
जिले में फर्जीवाड़ा की अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। फिर भी शासनादेश के तहत सभी बीइओ को चेतावनी से अवगत करा दिया गया है। - तनुजा त्रिपाठी, बीएसए