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फिर बरेली सीमा के निकट पहुंचे गजराज

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बरेली। नेपाल से रास्ता भटक कर पहुंचे दोनों हाथी मंगलवार सुबह फिर बरेली सीमा के निकट पहुंच गए। रामपुर और बरेली के बीच उनकी मौजूदगी के साथ उनके अब तक दो लोगों को मार डालने और तीन को घायल कर देने से वन विभाग चिंतित है। बरेली और मुरादाबाद मंडल में अलर्ट जारी कर दिया गया है। बरेली और रामपुर के अलावा खीरी, गोंडा, झांसी और मुरादाबाद के वन अधिकारियों को बुला लिया गया है। इन अधिकारियों के निर्देशन में दोनों हाथियों को अब ऑपरेशन ‘हांका’ के जरिये उसी रास्ते से वापस नेपाल भेजने का प्रयास किया जाएगा जिन रास्तों से वे बरेली और रामपुर तक पहुंचे थे।
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करीब एक सप्ताह पहले नेपाल के जंगल से भटक कर दो हाथी पहले पीलीभीत के टाइगर रिजर्व जंगल में पहुंचे थे। वहां से पीलीभीत की उत्तराखंड सीमा से सटे अमरिया क्षेत्र से होते हुए तीन दिन पहले बरेली के बहेड़ी पहुंचे थे। यहां एक व्यक्ति को मार डाला था। वन विभाग की टीम ने किसी तरह दोनों हाथियों को उत्तराखंड की सीमा तक पहुंचा दिया था, लेकिन वे फिर वापस होते हुए बरेली और रामपुर के बीच में पहुंच गए थे। वहां भी इन हाथियों ने एक ग्रामीण को मार डाला था। तीन लोग अब तक इन हाथियों के हमले में घायल हो चुके हैं। रामपुर के बिलासपुर रेंज से होते हुए दोनों हाथी बरेली के बहेड़ी रेंज में मंगलवार सुबह पहुंच गए। जिले की सीमा से मात्र आधा किमी दूर उनकी मौजूदगी के चलते यहां अलर्ट जारी कर दिया गया है। मुख्य वन संरक्षक ललित कुमार वर्मा ने बताया कि वन विभाग इन हाथियों को वापस उत्तराखंड के जंगल में भेजने के प्रयास में जुटा है। इसके लिए झांसी के मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह, गोंडा के मुख्य वन संरक्षक सुजाय बनर्जी, डीएफओ उत्तर खीरी वन प्रभाग अनिल पटेल, मुरादाबाद के वन संरक्षक सुरेश चंद्र, डीएफओ बरेली भरत लाल को लगाया गया है। डीएफओ रामपुर भी अपनी टीम के साथ लगे हैं।
झांसी के मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह ने बताया कि दोनों नर हाथी बहेड़ी क्षेत्र में जिले की सीमा से करीब आधा किमी दूर पूरे दिन चहलकदमी करते रहे। वन विभाग की टीम मौके पर कैंप किए हुए है। हाथी शाम को बरेली सीमा से उत्तराखंड की ओर करीब तीन किमी दूर तक जाने के बाद गन्ने के खेतों में पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि पहले इन हाथियों को बरेली से चोरगलिया होते हुए सीधे उत्तराखंड भेजने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। हाथी वहां से वापस होकर रामपुर क्षेत्र में पहुंच गए थे। उन्होंने बताया कि अब वन विभाग का प्रयास होगा कि दोनों हाथी जिस रास्ते से होते हुए बरेली पहुंचे थे उन्हें उसी रास्ते से नेपाल सीमा तक पहुंचाया जाए। उन्होंने बताया कि रात में आपरेशन हांका के जरिये इन हाथियों को उत्तराखंड की सीमा तक भेजने की कोशिश होगी। उन्होंने बताया कि लोगों को इनसे दूर रखने के लिए प्रशासन से भी सहयोग मांगा गया है।
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