बिशारतगंज। खजुआई गांव के ब्रजेश सिंह की रामगंगा नदी में डूबने से हुई मौत के मामले में परिवार ने पुलिस को क्लीनचिट दे दी है। पुलिस ने शुक्रवार देर रात मृतक की मां की ओर से पशुओं को चारा लेकर लौटते समय गंगा में पानी बढ़ने के कारण डूबने से मौत होने का मामला दर्ज किया था। शनिवार को परिवार ने पोस्टमार्टम हाउस पर यही बात दोहराई कि यह महज इत्तिफाक था। जबकि शुक्रवार को मौके पर यही परिवार पुलिसवालों के दौड़ाने पर नदी में कूदने का आरोप लगा रहा था।
खजुआई निवासी ब्रजेश सिंह उर्फ गंठा की शुक्रवार को रामगंगा में डूबने से मौत हो गई थी। मृतक के परिवार व ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि ब्रजेश अपने चचेरे भाई अर्जुन उर्फ भोला के साथ खेत पर पशुओं के लिए चारा काट रहा था। इसी दौरान वहां पहुंचे बिशारतगंज थाने के सिपाही व एक अन्य साथी के पीछा करने पर दोनों नदी में कूद गए। अर्जुन तैरकर पार निकल गया था। ब्रजेश की मौत हो गई थी। परिवार व ग्रामीणों ने सिपाही के विरुद्ध रिपोर्ट कराने की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया था। सूचना पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को तहरीर के अनुरूप कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। तब जाकर ग्रामीणों ने शव उठने दिया। रात में परिजन रिपोर्ट कराने थाने पहुंचे थे। थाने में वार्ता के बाद अफसरों ने मृतक की मां को बताया कि यह दैवीय आपदा का मामला है। शासन से किसान दुघर्टना बीमा सहित अन्य लाभ दिलाने का भरोसा दिलाया था। इसके बाद परिवार के सुर बदल गए।