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मोहनपुर मजार के खादिम की सिर कुचलकर हत्या

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मोहनपुर मजार के खादिम - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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नग्न हालत में मिला शव, एडीएम प्रशासन और एसपी देहात ने किया मौका मुआयना
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दुनका (बरेली)। शाही थाना क्षेत्र की मोहनपुर मजार के खादिम की ईंटों से सिर और मुंह कुचलकर हत्या कर दी गई। शव सुबह मजार पर नग्नावस्था में मिला। कई थानों की पुलिस के साथ ही एडीएम प्रशासन और एसपी देहात भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस हत्या के कारणों को तलाशने में जुट गई है।
मजार पर 20 साल से रहकर साफ-सफाई और देखभाल करने वाले 45 वर्षीय अकबर की गुरुवार रात किसी समय हत्या कर दी गई। हत्यारों ने ईंटों से सिर और चेहरा कुचलकर मारा था। सुबह आठ बजे ग्रामीण जंगल की तरफ निकले तो मौलाना का शव मजार के चबूतरे के पास नग्न हालत में खून से लथपथ पड़ा मिला। ग्रामीणों ने थानाध्यक्ष शाही अरविंद सिंह चौहान को घटना की सूचना दी। जुमा के दिन घटना का पता लगने से पुलिस में हड़कंप मच गया। शाही एसओ के अलावा शीशगढ़ इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी, सीओ बहेड़ी रामानंद राय, सीओ मीरगंज जगमोहन बुटोला फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर में एडीएम (प्रशासन) वीके सिंह और एसपी देहात डॉ. संसार सिंह भी मजार पर पहुंच गए। उन्होंने गांव वालों से घटना के बारे में जानकारी की। एसओ को घटना का शीघ्र खुलासा करने के निर्देश दिए।
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झाड़फूंक करते थे खादिम अकबर
शाही थाना क्षेत्र के गांव म्यूड़ी बुजुर्ग के मजरा तकिया निवासी हमजद अली ने बताया कि उनके तीन भाइयों में अकबर अली मझला था। उसकी शादी नहीं हुई थी। छोटा भाई रियासत परिवार के साथ बिलासपुर में रहकर मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करता है। अकबर अली 20 साल से मोहनपुर में भाखड़ा नदी किनारे बनी मजार पर रहता था। वह झाड़-फूंक का काम भी करता था। हालांकि उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी। पुलिस को अकबर के बिस्तर से दो मोबाइल, ताबीज और कुछ नकदी मिली। लाश के पास से एक जूता और मिट्टी में सनी प्लास्टिक की चप्पलें मिली हैं। हत्यारों ने अकबर की दाढ़ी भी उखाड़ दी थी। कुछ लोग इसे शिकारियों की हरकत भी बता रहे थे। पोस्टमार्टम में सिर और जबड़े की कई हड्डियां टूटी मिलीं हैं। घटना के बाद कुछ लोगों ने हत्यारों की गिरफ्तार न होने तक लाश न उठने देने का एलान कर दिया तो पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। बाद में सीओ ने किसी तरह लोगों को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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मजार के खादिम अकबर की हत्या की सही वजह पता नहीं लगी है। कुछ लोग शिकारियों की हरकत बता रहे हैं। कुछ का कहना है कि ताबीज कराने के लिए कई महिलाएं और पुरुष भी यहां आते थे। इतनी निर्ममता से मारने के पीछे वजह भी कोई बड़ी ही रही होगी, इसकी जांच कराई जा रही है। - डॉ. संसार सिंह, एसपी देहात
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