फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घायल युवक को इलाज के बहाने सड़क किनारे फेंक गए मददगीर, मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। न्यू कैंट रोड पर बाइक की टक्कर से साइकिल सवार युवक घायल हो गया। बाइक सवार दो युवकों को भी चोटें आईं। सूचना पर पुलिस पहुंची लेकिन तभी बाइक सवारों का परिचित ऑटो ड्राइवर वहां पहुंच गया। उसने तीनों को अस्पताल ले जाने के लिए ऑटो में बिठा लिया लेकिन आगे जाकर साइकिल सवार को सिविल लाइंस इलाके में सड़क किनारे फेंक दिया। सुबह पुलिस को साइकिल सवार युवक का शव मिला। अब ऑटोचालक की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन

स्टेशन रोड निवासी सैन्यकर्मी तुलसीराम का बेटा 45 वर्षीय राजेश कुमार नकटिया में इरफान के सर्विस सेंटर पर वाहनों की धुलाई करता था। रविवार रात करीब नौ बजे ड्यूटी से लौटने के दौरान जंक्शन से कैंट की ओर जाने वाली न्यू कैंट रोड पर बाइक ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाइक सवार चनेहटी निवासी 18 वर्षीय सलमान, उसके दोस्त बारीनगला निवासी 24 वर्षीय अकबर को भी चोटें आईं, जबकि अकबर की बहन 10 वर्षीय साहिबा को मामूली चोट आई। हादसे की सूचना पर कैंट थाने की चीता मोबाइल और यूपी-112 पुलिस पहुंची। इसी बीच एक ऑटो ड्राइवर वहां पहुंचा। उसने घायलों का अपना परिचित बताया। इस पर पुलिस बाइक और साइकिल उठाकर थाने ले गई, जबकि घायलों को ऑटो वाला लेकर चला गया। सोमवार सुबह करीब आठ बजे राजेश कुमार का सिविल लाइंस में प्रभा सिनेमा के पास सड़क किनारे शव पड़ा मिला। सूचना पर मोर्चरी पहुंची उसकी पत्नी पूनम ने राजेश की शिनाख्त की। बताया कि राजेश के न लौटने पर परिवार वाले रात भर उन्हें तलाशते रहे लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। राजेश के परिजन का कहना है कि आरोपियों ने इलाज के लिए उन्हें अस्पताल पहुंचाने के बजाय सड़क किनारे फेंक दिया। इस वजह से ही उनकी मौत हो गई। वहीं सलमान और अकबर रामपुर गार्डन के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।
अकबर का भाई बता रहा अलग ही कहानी
पुलिस ने बाइक सवारों के परिचित ऑटो चालक के घायलों को उठाकर ले जाने की बात कही है लेकिन उनके परिजन दूसरी ही कहानी बता रहे हैं। अकबर के छोटे भाई राशिद ने बताया कि सलमान को ऑटो चालक भर्ती कराकर गया था, जबकि उसके भाई अकबर को मौके पर ही छोड़ दिया गया था। सूचना पर वह पहुंचा और अपने भाई अकबर को खुद लाकर अस्पताल में भर्ती कराया। उस दौरान घायल साइकिल सवार अस्पताल के बाहर बैठा था, बाद में पता नहीं वह कहां चला गया।
विज्ञापन

पुलिस की रही बड़ी लापरवाही
पुलिस ने बिना किसी जांच-पड़ताल के ऑटो चालक की बात पर भरोसा करके उसे घायलों को ले जाने दिया, जबकि पुलिस को खुद ऑटो के साथ अस्पताल तक जाना चाहिए था। इतना ही नहीं पुलिस ने साइकिल सवार राजेश के घरवालों को भी हादसे की सूचना नहीं दी। अगर पुलिस राजेश के घरवालों को ही मौके पर बुला लेती तब शायद उसकी जान नहीं जाती।
विवेचना में बढ़ सकती हैं धाराएं
कहा जा रहा है कि आरोपियों के परिचित ऑटो वाले ने राजेश को अस्पताल में भर्ती कराने के बजाय सड़क किनारे फेंक दिया, इससे उसकी मौत हो गई। इस मामले की धारा भी बढ़ सकती है। साथ ही ऑटो चालक को भी इसमें आरोपी बनाया जाएगा।
रिपोर्ट दर्ज, विवेचना में खुलेंगे नाम
इंस्पेक्टर कैंट अवनीश यादव ने बताया, मृतक की पत्नी पूनम की तहरीर पर दुर्घटना में शामिल बाइक नंबर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। आरोपी घायल हैं और रामपुर गार्डन के अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। मृतक की पत्नी को उनके नाम नहीं पता थे इसलिए विवेचना में आरोपियों के नाम खोल दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें