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रिटायर्ड कर्नल ने बंद किया रास्ता तो बस्ती वालों ने किया हंगामा

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बरेली। इज्जतनगर थाने के रहपुरा चौधरी में रिटायर्ड कर्नल ने अपना प्लॉट बनवाने के लिए बस्ती का रास्ता बंद करने की कोशिश की तो हंगामा खड़ा हो गया। करीब 35 घरों के लोगों ने जमकर बवाल काटा। पुलिस और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें शांत किया। तीन दिन में राजस्व टीम जांच करके रिपोर्ट देगी, उसके आधार पर पुलिस कार्रवाई करेगी। दोनों पक्ष रास्ते को अपनी जगह में होना बता रहे हैं।
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रिटायर्ड कर्नल फारूख खां रहपुरा चौधरी रोड के अपने पैतृक मकान में रहते हैं। इसी रोड किनारे उनका प्लॉट है। प्लॉट के बराबर से मुस्लिम समुदाय के ही लोगों के करीब 35 घर बने हैं, उनका रास्ता इसी खाली पड़ी जगह से होकर जाता है। अब फारूख खां प्लॉट में निर्माण करा रहे हैं। गुरुवार सुबह मेन रोड से उन्होंने प्लॉट की ओर सीमेंट के पोल लगवाकर आठ फिट का वह रास्ता बंद करने की कोशिश की, जिससे होकर करीब 35 परिवार निकलते हैं।
पोल लगने पर बवाल हो गया। संबंधित घरों के पुरुष और महिलाएं सड़क पर आ गए और हंगामा करने लगे। कर्नल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिलाओं ने आपत्तिजनक टिप्पणी तक कीं। मौके पर काम कर रहे मजदूरों के साथ ही फारूख खां और उनके परिवार के लोग भी सड़क पर आ गए तो स्थिति बिगड़ने लगी। इस पर किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। इज्जतनगर थाने के दरोगा प्रवीण कुमार के साथ सदर तहसील के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। पुलिस घंटेभर की मशक्कत के बाद इन लोगों को समझा सकी। पुलिस ने फिलहाल निर्माण बंद करा दिया है। तीन दिन में राजस्व टीम पैमाइश करके रिपोर्ट देगी। इसके बाद अगली कार्रवाई होगी।
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हमारा इकलौता रास्ता..बंद हो गया तो कहां से निकलेंगे
मौके पर मौजूद इमरान, सलीम, तौकीर, सरवर, फहीम, रहवर, नसीम, जावेद आदि ने बताया कि उनके पुराने घर बने हैं और यही एकमात्र बरसों पुराना रास्ता है। इसी रास्ते से अंदर जाकर तीन गलियां हैं, जिनमें करीब 35 से अधिक मकान हैं। अगर मनमानी से रास्ता बंद कर दिया गया तो हम लोग कहां जाएंगे। इन लोगों ने फारूख पर रसूखदार होने की वजह से उन्हें सताने का आरोप लगाया। कहा, जान दे देंगे पर रास्ता बंद नहीं होने देंगे।

खाली प्लॉट से बना लिया रास्ता
रिटायर्ड कर्नल फारूख के बेटे ताहिर ने बताया कि उनके पिता इस संपत्ति के मालिक हैं। वर्ष 2014 में इस रास्ते को लेकर एक केस एसडीएम सदर कोर्ट में चला था। दो साल बाद हमारे हक में फैसला आया। इसके कागज भी हैं। लोगों ने बिना किसी वैध रास्ते के गलत मकान बनाए हैं तो ये उनकी गलती है। हम अपनी जगह लेकर रहेंगे।
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