बरेली। हिंदू समाज पार्टी के नेता कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में सोमवार रात एटीएस ने यहां शाहबाद में छापा मारकर दरगाह आला हजरत पर नात पढ़ने वाले सैय्यद कैफी अली को उठा लिया और फिर रात में ही उसे लखनऊ ले गई। एटीएस सूत्रों के मुताबिक बरेली में कैफी ने ही कमलेश तिवारी के हत्यारों को खाना खिलवाने के साथ घायल हुए एक हत्यारे की पड़ोस के एक अस्पताल में ड्रेसिंग कराई थी। नातख्वाह को उठाए जाने के बाद दरगाह के जिम्मेदार सकते में आ गए हैं।
शाहबाद इलाके में सोमवार रात करीब दो बजे एटीएस ने बरेली क्राइम ब्रांच और थाना प्रेमनगर की पुलिस के साथ दबिश देकर 23 वर्षीय सैय्यद कैफी अली को उसके घर से उठा लिया। कैफी विश्व प्रसिद्ध आला हजरत दरगाह पर नात पढ़ता है, उसकी पहचान दरगाह के खादिम के तौर पर भी है। रात डेढ़ बजे ही वह जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खां के परिवार में हुई एक शादी की दावत खाकर लौटा था। घर से उसे उठाने के कुछ ही देर बाद एटीएस उसे लेकर लखनऊ रवाना हो गई। एटीएस के एडीजी डीके ठाकुर के नेतृत्व में लखनऊ में मंगलवार देर शाम तक कैफी से पूछताछ की जा रही थी।
कैफी को हिरासत में लिए जाने के बाद उसके घर पर रात से ही मोहल्ले के लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। मंगलवार को भी काफी लोग उसके घर पर इकट्ठे थे। कैफी की मां आबिद बेगम ने रोते हुए बताया कि उनके खाविंद मारूफ अली की तीन साल पहले मौत हो चुकी है। कैफी बचपन से ही दरगाह का खादिम है। उसका कभी किसी से झगड़ा तक नहीं हुआ। उधर, बरेली के अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम पर खामोश हैं। एसएसपी शैलेश पांडेय ने कहा कि इस मामले में शीर्ष एजेंसियां जांच कर रही हैं। स्थानीय पुलिस को इस मामले में कुछ नहीं बताया जा रहा है।