बरेली। प्रधानों और सचिवों पर एफआईआर की कार्रवाई क्या हुई तो जिले में अधूरे पड़े शौचालय झटपट बनने लगे। 54 ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण का कार्य काफी धीमा था जिसको लेकर सीडीओ ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। गुरुवार को विकास भवन में हुई विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में जब बीडीओ ने आंकड़े रखे तो अफसर भी हैरान रह गए। कार्रवाई के डर से अधूरे शौचालय झटपट बन गए।
दरअसल शौचालय निर्माण में पिछले दिनों गड़बड़ी मिलने पर सात प्रधानों और सचिवों पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बीडीओ स्तर पर कुछ प्रधानों पर कार्रवाई लंबित थी। बुधवार को सीडीओ ने बीडीओ को कड़े निर्देश दिए कि अगर एफआईआर नहीं कराते हैं तो वह खुद कार्रवाई करेंगे। 54 गांव ऐसे है जहां शौचालय निर्माण कार्य बहुत धीमा है। यहां भी प्रधानों और सचिवों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही थी। गुरुवार को विकास कार्यों की समीक्षा बैठक हुई जिसमें बीडीओ ने आंकड़े प्रस्तुत किए। पहले कहीं 40 तो 50 शौचालय बनने बाकी थे, लेकिन बैठक में इनका आंकड़ा काफी रहा। बीडीओ का कहना था कि कार्रवाई के डर से तेजी से कार्य हुए और कुछ दिनों में ही तमाम शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा कराया गया। बाकी का निर्माण जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद का कहना है कि सात प्रधानों और सचिवों पर एफआईआर दर्ज कराई थी उसका परिणाम यह रहा कि जहां अधूरे शौचालय पड़े थे वो तेजी से पूरे हुए हैं। जल्द सभी ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण का कार्य पूरा हो जाएगा।