मरम्मत के दौरान सफाई पर भी ध्यान दिया जाए
आगरा के जल संस्थान में अधिशासी अभियंता रहे राजेंद्र कुमार आर्य ने बताया कि वहां पाइप लाइन के भीतर ज्वाइंट में बीज अंकुरित होने से पीपल के पौधे निकल आते थे। कई बार तो ऐसा होता था काटने के बाद पीपल के पौधे दोबारा हरे-भरे हो जाते थे। मैं यही कहूंगा पुलों की मरम्मत के दौरान आसपास की सफाई पर भी ध्यान दिया जाए। अगर मरम्मत के वक्त पौधे हटा दिए जाएं तो दरख्त क्यों बनेंगे? मेरा स्पष्ट तौर पर मानना है कि इस मामले में समय-समय पर अनदेखी की गई। यही वजह है कि पुल कमजोर हुआ और उसकी आयु भी कम हो गई।
लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता नारायण सिंह ने कहा कि समय-समय पर देखरेख जरूरी है। जहां कहीं भी भवन और पुलों पर पौधे उगें, तत्काल उन्हें हटाना चाहिए। किला पुल पर पहले क्या हुआ, मरम्मत के दौरान इन पौधों को क्यों नहीं हटाया गया, इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता। जहां भी पुल पर दरख्त नजर आ रहे हैं, अब उन्हें वहां से हटाया जा रहा है। जड़ों को भी नष्ट कराएंगे ताकि वे फिर से हरे होकर पुल की मजबूती के लिए खतरा न बने।
'इस तरह उगे पौधे'
डीएफओ समीर कुमार का कहना है कि पीपल और बरगद के पौधे आसानी से छत और दीवारों पर उग आते हैं। इनके बीज पक्षियों के मल के साथ पहुंचते हैं और जहां थोड़ी सी नमी मिलती है, पौधे उग जाते हैं। पुल की दीवार पर भी इसी तरह से पौधे उगे होंगे। अगर समय रहते इन्हें नहीं हटाते हैं तो पौधे खतरा बन जाते हैं। जिस दीवार में पौधे बड़े हो जाते हैं, उनका कमजोर होना स्वाभाविक है।