2022 में टेस्ट ट्यूब बेबी के लिए शुरू हुआ शोध
2022 में ओवम पिकअप (ओपीयू) इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) पर शोध शुरू हुआ। ओपीयू तकनीक में पशु से परिपक्व अंडाणु एकत्र कर उसे प्रयोगशाला में कृत्रिम रूप से शुक्राणु से निषेचित कराते हैं। प्राप्त भ्रूण को सरोगेट पशु के गर्भाशय में प्रत्यारोपित किया जाता है।
सामान्य प्रजनन प्रक्रिया से गाय, भैंस वर्ष में सिर्फ एक बार ही गर्भधारण कर सकती हैं, पर ओपीयू आईवीएफ तकनीक से एक भैंस से साल में दस और गाय से 20 भ्रूण तैयार किए जा सकते हैं।
इस प्रक्रिया से तैयार भ्रूण की गुणवत्ता अधिक होती है। पशुओं की उन्नत नस्ल के विकास से किसानों को फायदा होगा। पशुओं की दूध देने की क्षमता भी बढ़ेगी।