बरेली। कोविड महामारी के खिलाफ चल रहे दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान में शुक्रवार को स्वास्थ्यकर्मियों ने टीके लगवाने में खासी रुचि दिखाई। इसकी वजह से पहले चरण के चौथे चक्र में स्वास्थ्य विभाग लक्ष्य हासिल करने के करीब पहुंच गया है। एडवर्स इवेंट्स फालॉइंग इम्युनाइजेशन यानी एईएफआई के भी पांच गंभीर और एक सामान्य मामला सामने आया, रहामगर कुछ देर बाद सब स्वस्थ हो गए।
शुक्रवार को प्रथम चरण के चौथे चक्र में कोविड-19 टीकाकरण में शहर के प्रमुख चिकित्सकों ने कहा कि वैक्सीन कोरोना की चेन को तोड़ने में जरूर कारगर होगी। शुक्रवार को 70 वर्षीय वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एके चौहान हृदय रोगी होने के बावजूद टीका लगवाने पहुंचे। वैक्सीनेशन टीम और अन्य लोगों ने भी उनके हौसले को सराहा। डॉक्टरों से परामर्श के बाद उन्हें कोविशील्ड वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई और फिर ऑब्जर्वेशन रूम में 30 मिनट की निगरानी के बाद घर भेजा गया। किसी समस्या पर नोडल अफसर से संपर्क करने को कहा।
महिला अस्पताल में अपर निदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. एसपी अग्रवाल ने पहला टीका लगवाया। वहीं, डॉ. सुदीप सरन, डॉ. भारती सरन, डॉ. राजकुमारी मित्तल, डॉ. एबी दीक्षित, डॉ. विमल भरद्वाज, डॉ. अतुल अग्रवाल, डॉ. संजीव कुमार ने अलग-अलग अस्पतालों में वैक्सीन लगवाई। दोपहर ढाई बजे तक करीब 3083 स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण हुआ। देर शाम तक 5039 स्वास्थ्यकर्मियों का वैक्सीनेशन हुआ, जो 69.2 फीसदी रहा। स्वास्थ्यकर्मियों के मुताबिक कई केंद्रों पर फिर से सर्वर डाउन रहने की शिकायत थी, मगर सूची पहले ही निकाल ली थी इसलिए कोई खास समस्या नहीं हुई।
अफसरों ने निरीक्षण कर परखीं व्यवस्थाएं
शुक्रवार को 45 केंद्रों पर 58 सत्रों में टीकाकरण हुआ। इसमें 17 सरकारी और 28 निजी अस्पतालों को टीकाकरण केंद्र बनाया गया था। टीकाकरण में कहीं कोई समस्या न हो, इसलिए अफसर लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। इनमें सीएमओ डॉ. सुधीर गर्ग और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने नवाबगंज और बिथरी सीएचसी का निरीक्षण किया। सीएमओ ने व्यवस्थाएं बेहतर मिलने पर संतोष जताया।
चार और पांच को फिर होगा टीकाकरण
जिला प्रतिक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि पहले चरण के पांचवें चक्र का टीकाकरण चार फरवरी और छठे चक्र का पांच फरवरी को होगा। चार फरवरी को 31 केंद्रों पर 57 सत्रों में वैक्सीनेशन होगा। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। निर्धारित 31 केंद्रों पर टीकाकरण के लिए तैनात होने वाली टीम को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। फिर भी एक दिन पहले जरूरी जानकारी देंगे।
एईएफआई के छह मामले, सब स्वस्थ
शुक्रवार को टीकाकरण के बाद ऑब्जर्वेशन रूम में निगरानी के दौरान छह स्वास्थ्यकर्मियों की हालत बिगड़ी। इन्हें तत्काल जांच के लिए भेजा गया। सीएमओ डॉ. एसके गर्ग ने बताया कि पांच स्वास्थ्यकर्मियों की हालत गंभीर लग रही थी और एक को बॉडी नौजिया की शिकायत थी। गंभीर लग रहे लोगों को दवा दी गई, थोड़ी देर बाद वे स्वस्थ हुए तो उन्हें उचित परामर्श देकर घर भेज दिया गया।
आईटीबीपी स्वास्थ्यकर्मियों को लगा टीका
चौथे चक्र में आईटीबीपी बुखारा कैंप के स्वास्थ्यकर्मियों ने भी टीकाकरण कराया। डीआईजी पीआरओ कमर हैदर जैदी ने बताया कि सीएमओ कमांडेंट राधेश्याम भारती, डॉक्टर महेश बाबू समेत अन्य 18 जवानों ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली। इस दौरान क्यारा ब्लॉक पर तैनात टीमों ने सेना के स्वास्थ्यकर्मियों को सहयोग के लिए सराहा।
स्वास्थ्यकर्मी बोले: अफवाहों से बचें, वैक्सीन कारगर
वैक्सीनेशन पूरी तरह सुरक्षित है। हमारी सरकार ने बहुत जल्दी ही कोविड-19 को कंट्रोल करने के लिए वैक्सीन मुहैया कराई है। इसके लिए सभी को आभारी होना चाहिए। जिसका भी लिस्ट में नाम है, वह वैक्सीनेशन जरूर करवाए।- एसपी अग्रवाल, एडी हेल्थ
वैक्सीन को लेकर लोग भ्रम फैला रहे हैं। ऐसे झूठे तर्क पर कोई भरोसा न करे। मैंने और डॉ. भारती ने भी टीका लगवाया है और मुझे पूरा भरोसा है कि यह कोरोना संक्रमण की चेन को रोकने में कारगर साबित होगा। बशर्ते लोग सहयोग करें। - डॉ. सुदीप सरन, वरिष्ठ फिजिशियन
मार्च, 2020 में हमारे पास कोरोना से लड़ने के लिए संसाधन बेहद कम थे। इसकी कमी दूर करने के साथ ही सरकार ने साल भर गुजरने से पहले ही वैक्सीन मुहैया कराई है जो बेहद कारगर है, इसलिए कोई वैक्सीनेशन से परहेज न करे। - डॉ. अतुल अग्रवाल, वरिष्ठ
चिकित्सक
अगर वैक्सीन काम कर रही है तो इसका हल्का प्रभाव शरीर पर दिखाई दे सकता है। जो रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी निर्भर करता है। पहले चरण के पहले चक्र की तुलना में चौथे चरण में करीब 70 फीसदी तक वैक्सीनेशन हुआ है जो संतोषजनक है। - डॉ. सुधीर गर्ग, सीएमओ