टेंडर कमेटी में अपर नगर आयुक्त, जांच उप नगर आयुक्त को
इस मामले में जांच टीम पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, निविदा से पहले दस्तावेजों को परखने के लिए टेंडर कमेटी का गठन किया गया था। इसमें अपर नगर आयुक्त सुनील कुमार यादव समेत सहायक लेखा अधिकारी हृदय नारायण और पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी शामिल थे। इस कमेटी में सबसे उच्च अधिकारी अपर नगर आयुक्त हैं, वहीं जांच कमेटी में सबसे उच्च अधिकारी उप नगर आयुक्त को रखा गया है।
कनिष्ठ अधिकारी, वरिष्ठ के खिलाफ जांच कैसे कर सकता है? यह भी बड़ा सवाल है। उप नगर आयुक्त पूजा त्रिपाठी का कहना है कि अभी तक एक ही बिंदु सामने आया है कि ब्लैक लिस्ट फर्म ने टेंडर लिया है। कोई अन्य बिंदु सामने आएगा तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा।
महापौर उमेश गौतम ने बताया कि टेंडर से पहले फर्म के प्रपत्रों की जांच की जाती है। फर्म ने तथ्य छिपाकर ठेका लिया है, जांच के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।