चिन्मयानंद की दुष्कर्म के पुराने मुकदमे में बुधवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में पेशी हुई। इस मामले में चिन्मयानंद ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले रखा है। स्पेशल कोर्ट ने स्टे के संबंध में हाईकोर्ट की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर चिन्मयानंद के वकील ओम सिंह से रिपोर्ट मांगी है।
कोर्ट में कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चिन्मयानंद को जेल में दाखिल कर दिया गया। मुकदमे में अगली पेशी की तारीख 31 जनवरी तय की गई है।
पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद के खिलाफ वर्ष 2012 में उनकी शिष्या ने बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
चौक कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पीड़ित की गुहार पर मामले की जांच बदायूं सीओ ने की थी और 23 अक्तूबर को चार्जशीट सीजेएम कोर्ट शाहजहांपुर में दाखिल की थी। हालांकि, चिन्मयानंद ने सीओ की ओर से तैयार की गई चार्जशीट पर सवाल उठाए थे।
चिन्मयानंद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है। यह मुकदमा एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रहा है। बुधवार को जेल से निकालने के बाद पुलिस सुरक्षा में चिन्मयानंद को एमपी-एमएलए कोर्ट में लाया गया।
चिन्मयानंद के साथ उनके वकील ओम सिंह भी कोर्ट में मौजूद रहे। कोर्ट ने चिन्मयानंद के वकील ओमसिंह से कहा कि हाईकोर्ट की ओर से स्टे आर्डर को छह माह गुजर चुके हैं।
इस मामले में हाईकोर्ट की ओर से गिरफ्तारी स्टे पर की गई कार्यवाही की रिपोर्ट पेश करने को कहा। कोर्ट ने इस मामले में अगली तारीख 31 जनवरी तय की है। कोर्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चिन्मयानंद को ले जाकर जेल में दाखिल कर दिया गया।