प्रेमनगर थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में स्थित पीलीभीत के अमरिया थाने के एसओ पुष्कर सिंह गंगवार के घर में सरेशाम घुसे हथियारबंद डकैतों ने डाका डाला।
खुद को लखनऊ की क्राइम ब्रांच का बताकर घर में घुसे डकैतों ने एसओ की पत्नी और मासूम बेटी को गन प्वाइंट पर लेकर किरायेदार परिवार को भी एक कमरे में बंद कर दिया। 20 मिनट के भीतर पांच लाख का माल समेटकर डकैत भाग गए।
मंगलवार शाम साढ़े छह बजे घर में पुष्कर सिंह की पत्नी रुचि गंगवार और छह साल की बेटी आन्या ही थी। दस साल का बेटा पनव बाहर खेलने गया था। थोड़ी देर पहले ही घरेलू नौकरानी काम करके गई थी, लिहाजा गेट खुला था।
पहले दो लोग धड़धड़ाते हुए घर में घुसे और पूछा- ‘एसओ कहां है? हम लखनऊ क्राइम ब्रांच से आए हैं, उनकी आईडी चेक करनी है।’ रुचि कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही तीन डकैत और अंदर घुस आए। उनके हाथों में तमंचे थे।
यह देखकर रुचि घबरा गईं। एक डकैत ने बेटी आन्या को गोद में उठाकर उसके सिर से तमंचा सटा दिया। एक बदमाश रुचि से मारपीट करने लगा।
उनसे चाबियां लेकर सेफ में रखे पचास हजार रुपये, सोने के दो हार और सोने की चार चूड़ी निकाल लीं। इस दौरान दो डकैत ऊपर की मंजिल पर किराए पर रह रहे प्रेमशंकर शर्मा, उनकी पत्नी शोभा और बेटे अजय को आईडी दिखाने के बहाने नीचे ले आए। इसके बाद प्रेमशंकर से चाबी लेकर डकैतों ने उनके कमरे से 21 हजार रुपये, एक सोने का हार और चेन निकाल ली।
सभी लोगों को नीचे के कमरे में बंद कर डकैतों ने उनके मोबाइल ले लिए और उन्हें छत पर रखी पानी भरी बाल्टी में डाल दिया। सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर उखाड़ अपने साथ ले गए। जाते वक्त डकैत गेट भी बाहर से लॉक कर गए। करीब 10 मिनट बाद रुचि ने किसी तरह लॉक खोलकर पड़ोसी के यहां से पति को कॉल की।
एसओ के घर डकैती की सूचना से पुलिस के होश उड़ गए। थोड़ी देर में पुलिस पहुंच गई। डॉग स्कवॉड, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट और फील्ड यूनिट की टीम से लेकर क्राइम ब्रांच तक ने जांच की। देर रात डीआईजी राजेश पांडेय और एसएसपी ने भी मुआयना किया, लेकिन डकैतों का कोई क्लू हाथ नहीं लगा।
‘सरेशाम घटना हुई है। बदमाशों की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। आसपास के सीसीटीवी कैमरों से साक्ष्य तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। जल्दी ही नतीजा निकलेगा।’ - शैलेश पांडेय, एसएसपी