पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार ने दियोरियाकलां कोतवाली में दो वर्ष हुुए रूपवती हत्याकांड में सास को दोषी पाकर आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया, जबकि साक्ष्य के अभाव में पति को दोषमुक्त कर दिया।
कोतवाली दियोरियाकलां में जगदीश प्रसाद ने 22 फरवरी 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उनकी पुत्री रूपवती की शादी ग्राम नौवा नगला निवासी राजेंद्र कुमार से हुई थी। शादी के बाद से पति राजेंद्र, सास सुशीला देवी और अन्य ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर उसको प्रताड़ित करने लगे। 22 फरवरी 2018 को सुबह 11 बले रूपवती को मिट्टी का तेल छिड़ककर आग के हवाले कर दिया। इसमें रूपवती की इलाज के दौरान मौत हो गई। ग्रामीणों से मिली सूचना पर वह बेटी की ससुराल पहुंचे और कानूनी कार्रवाई कराई। पुलिस ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। विवेचना के बाद पति राजेंद्र और सास सुशीला देवी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। रूपवती के मृत्यु पूर्व बयान भी अंकित कराए गए थे। उसने सास सुशीला देवी द्वारा जलाकर मारने की बात कही थी। अपर सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार ने साक्ष्य के अभाव में मृतका के पति को उसके ऊपर लगाए गए आरोप से दोषमुक्त कर दिया। मृत्यु पूर्व बयानों के आधार पर मृतका की सास को दोषी पाकर आजीवन कारावास और 50हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।