साथ ही जिला गन्ना अधिकारी को दोनों मिलों की चीनी जब्त कर उसे बेचकर किसानों का भुगतान कराने का निर्देश दिया गया है। शुक्रवार को गन्ना मूल्य भुगतान की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि जब मीरगंज और फरीदपुर चीनी मिलें 14 दिनों में शत - प्रतिशत भुगतान कर सकती हैं तो अन्य मिलें क्यों नहीं। नवाबगंज मिल के बंद होने पर उसका गन्ना दूसरे मिलों पर तुरंत डायवर्ट कराने का भी निर्देश दिया। 70 फीसदी भुगतान कर चुकी सेमीखेड़ा चीनी मिल को भी तत्काल किसानों का 100 फीसदी भुगतान करने का आदेश दिया। बैठक में जिला गन्ना अधिकारी शैलेंद्र मौर्य समेत पांचों चीनी मिलों के महाप्रबंधक मौजूद थे।