लखीमपुर खीरी। निर्वाचन ड्यूटी के दौरान चुनाव ड्यूटी कर रहे बिजुआ चौकी इंचार्ज के साथ मारपीट करने और दबंगई दिखाते हुए सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में पुलिस ने तत्कालीन विधायक सुनील लाला के खिलाफ जानलेवा हमला समेत कई गंभीर मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सपा शासनकाल के दौरान ही मितौली पुलिस ने तत्कालीन सपा विधायक सुनील लाला सहित 19 हमलावरों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। इस मामले में पीके सिंह की अदालत ने सुनवाई तेज की तो एक-एक कर चार होमगार्ड अदालत में पेश हुए। हालांकि होमगार्ड पुलिस को दिए अपने बयानों से मुकर गए थे तब शासकीय अधिवक्ता ने पीड़ित दरोगा देवेश शुक्ला को अहम गवाह के रूप में पिछली तारीख पर पेश किया था। गवाह देवेश शुक्ला से जिरह पूरी न हो पाने के कारण गुरुवार 27 फरवरी की तारीख मुकर्रर की गई थी। लेकिन आज दरोगा की अनुपस्थिति के कारण सुनील लाला सहित 19 हमलावरों की फाइल पर सुनवाई टल गई। अदालत में छह मार्च को जिरह पूरी कराने के लिए पीड़ित दरोगा को तलब किया है।