गला दबाकर हत्या करने से पहले प्राइवेट पार्ट में घुसेड़ दी थी लकड़ी
खूब जूझी बिटिया, संकुचित हालत में मिले फेफड़े, किडनी और लिवर
बरेली। फांसी की सजा पाने वाले दरिंदों ने 12 साल की बिटिया के साथ हैवानियत करते वक्त हदें पार कर दी थीं। बिटिया के चेहरे पर ही चोटों के दस निशान थे। चोटों की वजह से उसके होंठ सूज गए थे। हत्या से पहले दरिंदों ने उसके प्राइवेट पार्ट में भी लकड़ी घुसेड़ दी थी। बिटिया ने उनसे बचने के लिए किस कदर संघर्ष किया, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसके फेफड़े, किडनी और लिवर तक पोस्टमार्टम के दौरान काफी संकुचित हालत में पाए गए थे।
बिटिया के शरीर पर गर्दन के दायीं और बायीं ओर, चेहरे के बायीं ओर गाल के नीचे गहरे जख्म थे। ऊपरी होंठ पर बीचोंबीच सूजन थी। निचला होंठ भी काफी सूजा हुआ था। प्राइवेट पार्ट से खून निकल रहा था। महिला डॉक्टर ने लिखा था कि हाइमन फटी हुई थी और उस पर चोट के कई निशान और सूजन थी। आंतरिक परीक्षण में पाया गया कि बेटी के गले की हड्डियाें में फ्रेक्चर था। हृदय पर दाहिने हिस्से में खून था और बायां हिस्सा खाली था। अत्यधिक संघर्ष और गला घोंटकर मारे जाने की वजह से उसके फेफड़ों के साथ लिवर और किडनी भी संकुचित हो गई थी। सरसों के खेत में मौके पर भी काफी सरसों बिखरी पड़ी थी। हत्यारे इतने विकृत मानसिकता के थे कि उन्होंने बिटिया के मरने के बाद सरसों की लकड़ी से उसके प्राइवेट पार्ट को क्षतिग्रस्त किया।