पिता ने कहा- दरिंदों को सजा मिलने से भगवान पर बढ़ा भरोसा
नवाबगंज। मेहनतकश परिवार को भनक तक नहीं थी कि उसकी मासूम बेटी के साथ दरिंदगी करके उसकी हत्या करने वाले मुरारीलाल और उमाकांत को अदालत में फांसी की सजा सुनाई गई है। अमर उजाला से यह जानकारी मिलने के बाद कुछ मिनट तो कोई प्रतिक्रिया ही नहीं दे पाए, फिर लंबी सांस खींचने के साथ मुंह से निकला, दरिंदों को सजा मिल गई, अब भगवान पर भरोसा और बढ़ गया।
अमर उजाला की टीम दोपहर के वक्त पीड़िता के गांव पहुंची तो खेत में काम करके बच्ची का पिता अपने कच्चे घर में पहुंचे ही थे। अमर उजाला से बेटी के गुनहगारों को फांसी की सजा मिलने की बात पता लगने के बाद बताया कि परिवार को पालने के जतन में वह बहुत ज्यादा पैरवी तो नहीं कर पाए लेकिन चार साल से इंतजार था कि बेटी के हत्यारों को सजा मिले। उन्हें फांसी की सजा होने की खबर से बड़ा सुकून मिला है। उन्हें भगवान पर भरोसा था। जब भी बेटी का फोटो देखते थे तो लगता कि वह इंसाफ के लिए पुकार रही है। भगवान ने उनकी सुन ली।
मदद मिली पर इंसाफ के लिए बहुत इंतजार करना पड़ा
बच्ची की मां ने बताया कि पेट की भूख तो सरकार और समाजसेवी लोगों ने मिटा दी थी, अब लंबे इंतजार के बाद इंसाफ की भूख भी मिट गई है। उन्हें इस घटना के बाद सरकार से सात लाख रुपये अनुदान मिला, सरकारी आवास मिला और समाजसेवियों ने भी उनकी मदद की। इसके बावजूद वह रोज भगवान से प्रार्थना करती थीं कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाएं।
इससे बेहतर और क्या हो सकता है कि दुष्कर्म के बाद बच्ची की हत्या करने वाले गुनहगारों को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। इस तरह की घटनाओं में अगर ऐसे ही सख्त फैसले होने लगें तो दुष्कर्म जैसी घटनाएं समाप्त हो जाएंगी। - संतोष दिवाकर, ग्राम प्रधान
- यह दिलों को झकझोर देने वाली घटना थी। पीड़ित के परिवार का भरोसा और गवाहों का हौसला बनाए रखने के साथ उनकी सुरक्षा की भी पुलिस पर जिम्मेदारी थी। इसे बखूबी निभाया भी। पड़ताल में कई उतार चढ़ाव आए, दोषियों को सजा मिलने के बाद पुलिस की मेहनत सफल हो गई है। - गौरव सिंह, नवाबगंज कोतवाल
कच्ची के लिए बदनाम है गांव
आरोपियों का गांव कच्ची शराब के लिए खासा बदनाम है। मुरारी के गांव में उमाकांत की रिश्तेदारी है। इसी सिलसिले में वह घटना वाले दिन दावत खाने मुरारी के गांव या था। वहीं दोनों ने गांव की बनी कच्ची शराब पी और यह घटना कर डाली। बता दें कि गांव में कच्ची शराब का धंधा पड़े पैमाने पर होता है जिसकी वजह से अपराध बढ़ रहे हैं। पुलिस इस कारोबार पर ध्यान नहीं देती।