टेरर फंडिंग : दो नाइजीरियाई समेत दस के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
एटीएस ने आरोपी संजय को बताया निर्दोष, नौ जनवरी को कोर्ट में पेश होंगे आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। नेपाल राष्ट्र बैंक सहित विभिन्न वित्तीय संस्थाओं को चूना लगाकर जालसाजी और धोखाधड़ी करने के अलावा आतंकी और देशविरोधी गतिविधियों के मामले में एटीएस ने जांच पूरी कर ली। विवेचक ने सीजेएम विकास श्रीवास्तव की अदालत में दो नाइजीरियाई समेत दस लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। सीजेएम विकास श्रीवास्तव ने सभी आरोपियों को 9 जनवरी को कोर्ट में तलब किया है।
निघासन पुलिस व यूपी एटीएस ने टेरर फंडिंग के मामले का खुलासा करते हुए 11 अक्तूबर को इज्जतनगर (बरेली) के गांव परतापुर चौधरी निवासी उम्मेद अली, समीर सलमानी, तिकुनियां (लखीमपुर खीरी) निवासी संजय अग्रवाल और एराज अली को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से भारतीय व नेपाली करेंसी मिलाकर पांच लाख रुपये की नकदी भी बरामद करने का दावा किया था। पुलिस जांच में जब इस मामले में देश विरोधी गतिविधियों के लिए आतंकी फंडिंग की बात सामने आई तो जांच यूपी एटीएस के डीएसपी शैलेंद्र सिंह राठौर को सौंपी गई।
एटीएस ने एक नाइजीरियाई समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। एटीएस के डीएसपी विवेचक शैलेंद्र सिंह राठौर ने मामले की जांच की है। जांच रिपोर्ट में आरोपी संजय अग्रवाल को निर्दोष बताया गया है। बाकी सभी दस आरोपियों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। इनमें से जेल में बंद सिराजुद्दीन की मौत रविवार को हो चुकी है।
इन पर तय हुए आरोप
टेरर फंडिंग मामले में नाइजीरिया निवासी एमेका माइकल, पीटर हरमन अस्सेंगा, मुंबई निवासी अर्जुन अशोक खराड़े, इज्जतनगर (बरेली) के गांव परतापुर चौधरी निवासी उम्मेद अली, सदाकत, फहीम, सिराजुद्दीन, समीर सलमानी, तिकुनियां (लखीमपुर खीरी) निवासी एराज अली व मुुमताज।
जेल से रिहा हुआ संजय, परिजन में खुशी
लखीमपुर खीरी। यूपी एटीएस की ओर से दाखिल चार्जशीट में तिकुनियां निवासी संजय अग्रवाल पर कोई आरोप तय नहीं हुए। विवेचक ने उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने की बात कही थी। जिस पर सीजेएम कोर्ट ने संजय अग्रवाल की रिहाई का आदेश जिला जेल भेजा। जेल अधीक्षक आरबी पटेल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को संजय अग्रवाल को रिहा कर दिया गया। उसकी रिहाई से परिवार वालों में खुशी की लहर दौड़ गई।