बरेली। अवैध संबंधों का विरोध करने पर पति को जिंदा जलाकर मार डालने वाली महिला और उसके प्रेमी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार सेठ ने किया।
घटना की रिपोर्ट चैत गौंटिया के बदन सिंह ने 17 जून, 2011 को थाना कैंट में लिखाई थी। इसमें कहा गया कि बदन सिंह का छोटा भाई महेंद्र अपनी पत्नी ममता के साथ बदन सिंह के ही मकान के एक कमरे में रहता था। महेंद्र की गैरमौजूदगी में गांव का ही विजय मौर्य उसकी पत्नी ममता के पास आने-जाने लगा। ममता ने उससे संबंध बना लिए थे। इस पर ममता को डांटा-फटकारा भी गया लेकिन वह नहीं मानी। एक दिन महेंद्र ने ममता और विजय को आपत्तिजनक हालत में देखकर शोर मचाया तो घर के सभी लोग वहां पहुंच गए, तभी विजय हाथ में चाकू लेकर महेंद्र के कमरे से निकला और धमकी दी कि अगर ममता को कुछ कहा तो महेंद्र को जान से मार देगा। इसके बाद महेंद्र ने अपनी पत्नी ममता को डांटा और उसके मायके वालों को बुलाकर उन्हें पूरी बात बताई, लेकिन उन्होंने भी ममता का ही पक्ष लिया और महेंद्र को धमकी दी। 17 जून, 2011 को दिन के साढे़ तीन बजे महेंद्र के चीखने की आवाज आई तो बदन सिंह वहां पहुंचा। उसने विजय को महेंद्र के कमरे से निकलकर भागते देखा। कमरे में ममता एक तरफ खड़ी थी, जबकि महेंद्र बुरी तरह झुलसा हुआ जमीन पर पड़ा तड़प रहा था। उसने बताया कि ममता और विजय ने उसे जलाया है। बदन सिंह एंबुलेंस से उसे अस्पताल ले गया, वहां उसकी मौत हो गई। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील जहां आरा ने पक्ष रखा। कोर्ट ने अभियुक्त विजय मौर्य और ममता को महेंद्र की हत्या का दोषी ठहराते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई।