बरेली। खानकाह वामिकिया निशातिया में जश्ने मिलादे रसूल का आयोजन किया गया। इसके बाद नायब सज्जादानशीन मौलाना सैयद असलम मियां वामिकी की कयादत में सफर-ए-उमरा के लिए 15 लोगों का जत्था रवाना हुआ। इस मौके जश्न का आगाज तिलावते कलाम से हुआ। यूनुस वामिकी ने नातो मनकबत का नजराना पेश किया। इसके बाद हाफिज मुजाहिद वामिकी, हाजी गुलाम यासीन, डॉ. महमूद हुसैन, कारी अलाउद्दीन और काजी जाहिद अली ने खिताब करते हुए दीने इस्लाम पर रोशनी डाली। आखिर में असलम मियां ने दुआएं खैर कीं। उन्होंने बताया कि यह जत्था मक्का और मदीना मुव्वरा में मुल्क में अमनो अमान, इत्तेहाद और खुशहाली के लिए दुआ करेगा।