बरेली। महिला की हत्या गुरुग्राम में हुई थी, लेकिन पुलिस ने विवेचना कर बरेली में चार्जशीट लगा दी। ऐसे में बचाव पक्ष के वकील के डिस्चार्ज प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए जिला व सत्र न्यायाधीश ने पत्नी की हत्या के आरोपी पति को बरी कर दिया।
19 जून 2024 को वादी ने नबावगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन कमला देवी की शादी इनायतपुर निवासी रमेश चन्द्र से 2014 में हुई थी। कमला रमेश के साथ हरियाणा के गुरुग्राम के भोड़सी थाना क्षेत्र के मारुति कुंज में किराये पर रहती थी। 19 जून 2024 को सूचना मिली कि उसकी बहन कमला की गुरुग्राम में मौत हो गई है और उसके शव को रमेश चन्द्र इनायतपुर ले लाया है। इसके बाद नबावगंज पुलिस ने शव का पोस्टमाॅर्टम कराया, लेकिन घटनास्थल गुरुग्राम होने के कारण कार्रवाई नही की।
28 अगस्त 2024 को वादी ने घटनास्थल नवाबगंज दर्शाकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में बीएनएसएस की धारा 175(3) के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। सीजेएम के आदेश पर नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। निरीक्षक आदेश कुमार ने 27 जुलाई 2025 तक मुकदमे की विवेचना की। इसमें घटनास्थल गुरुग्राम निर्धारित हो गया था।
इसके बाद निरीक्षक वेद सिंह ने विवेचना कर घटनास्थल गुरुग्राम बताया। इसके बाद भी बरेली पुलिस की ओर से सक्षम न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल करने और सक्षम पुलिस अधिकारी की ओर से विवेचना किए जाने की कार्रवाई अमल में नही लाई गई। सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार सिंह ने क्षेत्राधिकार प्राप्त न होने के कारण रमेश चन्द्र को बरी कर दिया। विवेचना में बरती गई लापरवाही के कारण एसएसपी को पत्र भेजकर विवेचक के कृत्यों का संज्ञान लेने का आदेश दिया गया है।