वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाकर मुख्यमंत्री को भेजा पत्र
बरेली। नगर निगम के कबाड़ को तीन गुना कम रेट पर बेचने के प्रकरण को लेकर पार्षदों ने अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने निविदा प्रक्रिया को दरकिनार कर एक करोड़ का कबाड़ सिर्फ 32 लाख रुपये में नीलाम करने का आरोप लगाया है। प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से कर जांच कराने की मांग की है।
उप सभापति संजय राय, पार्षद कपिल कांत सक्सेना, राजकुमार गुप्ता आदि का आरोप है कि ऐसे सभी कार्यों के लिए बोर्ड या कार्यकारिणी की अनुमति जरूरी है, जिनकी लागत 25 हजार रुपये से अधिक हो। मगर, बगैर अनुमति के यह निर्णय ले लिया गया। पार्षदों ने करीब एक करोड़ रुपये का कबाड़ 32 लाख रुपये में नीलाम करने का गंभीर आरोप लगाया। नियमानुसार टेंडर के लिए तीन निविदा होनी चाहिए पर यहां सिर्फ दो निविदाओं पर ही कबाड़ नीलाम हुआ है। आरटीओ से कबाड़ घोषित कराए बगैर दो ट्रैक्टर भी नीलाम कर दिए हैं।
इधर, प्रकरण के संबंध में जलकल महाप्रबंधक आरके यादव का कहना है कि स्टोर में अन्य कबाड़ के साथ ही दो ट्रैक्टर भी थे। सभी का एक साथ मूल्यांकन कराया गया। इसके बाद ई-टेंडरिंग के माध्यम से नीलामी कराई गई है। इसमें 25 फीसदी अधिक रकम निगम को मिली है। उन्होंने आरोपों को निराधार बताया है। ब्यूरो