यूपी बोर्ड परीक्षा 2017 के लिए जिला कमेटी की ओर से केंद्रों का निर्धारण बृहस्पतिवार को नहीं हो पाया। विद्यालयों को केंद्र बनाने के लिए मीरगंज और आंवला तहसीलों से एसडीएम की परीक्षण रिपोर्ट न आ पाने से निर्धारण टाला गया है। डीआईओएस ने जिले में 162 विद्यालयों में से केंद्र बनाने की सूची डीएम के जरिए सभी तहसीलों के एसडीओ को परीक्षण के लिए भेजी थी। इनकी रिपोर्ट बृहस्पतिवार को आनी थी।
जिला स्तरीय केंद्र निर्धारण के लिए बैठक डीएम पंकज यादव की अध्यक्षता में होनी थी। डीआईओएस मुन्ने अली केंद्रों की प्रस्तावित सूची लेकर डीएम पंकज यादव के पास पहुंचे लेकिन आंवला और मीरगंज तहसीलों से रिपोर्ट न आने की वजह से केंद्र निर्धारण शुक्रवार तक के लिए टाला गया है। शुक्रवार को दोनों तहसीलों के एसडीएम की परीक्षण रिपोर्ट आ सकती है। डीआईओएस ने बताया कि इसके बाद परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा। उस पर आपत्तियां और दावे मांगे जाएंगे। इसके बाद केंद्र निर्धारण मंडलीय कमेटी को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
डीएम के पास फिर पहुंचा लिपिक का मामला
जिले में यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र के निर्धारण में पुराने और चर्चित लिपिक की भूमिका का मामला बृहस्पतिवार को फिर से डीएम तक पहुंचा। किसी ने शिकायत की कि डीआईओएस दफ्तर में बोर्ड परीक्षा का पटल जिस लिपिक को आवंटित है, वह काम न देखकर वास्तव में पुराना चर्चित लिपिक ही केंद्र निर्धारण कर रहा है। शिकायत में कहा गया है कि चर्चित लिपिक से बोर्ड परीक्षा का काम न दिखवाने के आदेश तत्कालीन कमिश्नर ने किए थे लेकिन फिर भी उसी से काम दिखवाया जा रहा है। डीएम पंकज यादव का कहना है कि इस मामले करा रहे हैं।