बरेली। नगर निगम के अफसर होर्डिंग और यूनिपोल के खेल में फंस गए हैं। बरेली विज्ञापन एजेंसी एसोसिएशन की ओर से पूरे ब्योरे के साथ की गई शिकायत पर मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने कमिश्नर को जांच का निर्देश देकर एक महीने में पूरी रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद विज्ञापन की टेंडर प्रक्रिया पर ब्रेक लग गया है।
नगर निगम ने राजस्व की आय बढ़ाने के लिए शहर में होर्डिंग और यूनिपोल लगाने के लिए नई नियमावली बनाई थी। इस नियमावली के तहत विज्ञापनों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया था। विज्ञापनों की प्रमुख और साधारण लोकेशनों के हिसाब से भी अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई थीं। बरेली विज्ञापन एजेंसी का आरोप है कि इस नियमावली पर नगर निगम ने आपत्तियां मांगी थी लेकिन उनका पूरा निस्तारण किए बगैर ही उसे मनमाने ढंग से लागू कर कर दिया। इस मामले में कई बार शिकायत भी की गई लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया।
ऐसी शर्तें लगाईं कि बाहर हो गए शहर में एजेंसियां चलाने वाले
बरेली विज्ञापन एजेंसी एसोसिएशन के मुताबिक नगर निगम की ओर से होर्डिंग और यूनिपोल जैसे विज्ञापनों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू की गई। रजिस्ट्रेशन के लिए शर्त रखी गई कि जिन एजेंसियों का सालाना टर्नओवर 20 करोड़ हो, वही रजिस्ट्रेशन कराएं। नगर निगम की इस शर्त की वजह से शहर में एक-दो विज्ञापन एजेंसी वालों को काम मिल रहा था। ज्यादातर लाभ बाहरी लोगों को मिलने लगा। एसोसिएशन के सचिव निखिल खंडेलवाल ने इस प्रकरण की शिकायत सीएम पोर्टल पर। इसके बाद जनप्रतिनिधियों के साथ कई वरिष्ठ मंत्रियों को भी अवगत कराया। लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव से शिकायत कर पूरा ब्योरा सौंपा। प्रमुख सचिव ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कमिश्नर को जांच करने का निर्देश जारी कर दिया।
शिकायत हुई तो नियम बदले मगर रजिस्ट्रेशन फिर भी नहीं किए
बरेली विज्ञापन एजेंसी एसोसिएशन के संरक्षक वीरेंद्र रस्तोगी का कहना है कि बरेली में 50 से ज्यादा विज्ञापन एजेंसियां हैं जिनसे सैकड़ों लोग जुड़े हैं। नगर निगम के अफसरों के खेल की वजह से इन एजेंसियों को काम मिलना मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि यह काफी बड़ा खेल चल रहा है जिसका खुलासा होना जरूरी है। नगर निगम की ओर से पहले 20 करोड़ सालाना टर्नओवर वाले कारोबारियों के रजिस्ट्रेशन किए जा रहे थे लेकिन शिकायतें हुईं तो इसे घटाकर साढ़े नौ करोड़ कर दिया गया। इसके बाद 28 एजेंसियों ने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया लेकिन इसमें भी आनाकानी की गई। रजिस्ट्रेशन के नाम पर शुल्क भी लिया गया। उनका कहना है कि नगर निगम की नीयत साफ नहीं है।
नगर आयुक्त ने बोर्ड के पाले में डाली गेंद
नगर आयुक्त अभिषेक आनंद ने बताया कि होर्डिंग और यूनिपोल की नियमावली को नगर निगम बोर्ड की ओर से लागू किया गया है। उस समय आपत्तियां मांगी गई थीं, उनका निस्तारण भी किया गया था। कुछ आपत्तियां होंगी तो उस पर फिर बात होगी। होर्डिंग का टेंडर अभी जारी नहीं किया गया है, केवल प्रक्रिया चल रही है।