पूर्वोत्तर परिमंडल के मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त प्रमोद कुमार आचार्या के निरीक्षण में बरेली सिटी-रामगंगा ब्राडगेज ट्रैक में कुछ कमियां मिली हैं, जिन्हें सुधारने को कहा गया। साथ ही सिटी स्टेशन के रिले रूम में नेट वर्किंग के वायर बाहर मिलने पर सीआरएस ने नाराजगी जताई। मढ़ीनाथ के पास क्रॉसिंग पर ट्रैक ज्वाइंट में थोड़ा गैप मिला। ट्राली निरीक्षण के बाद रामगंगा ब्रिज से निरीक्षण स्पेशल ट्रेन 70 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से 13 मिनट में सिटी स्टेशन पहुंच गई।
सीआरएस प्रमोद कुमार आचार्या और पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर मुख्यालय से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) ललित झा अपनी टीम के साथ बुधवार करीब पौने दस बजे बरेली सिटी स्टेशन पहुंचे। सीआरएस टीम के साथ पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के डीआरएम निखिल पांडेय भी साथ थे। यहां उन्होंने सबसे पहले रिले रूम, पैनल का निरीक्षण किया। रिले रूम से नेट वर्किंग के कुछ वायर बाहर निकले पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए इसे ठीक करने की हिदायत दी। इसके बाद ट्राली से सीआरएस का काफिला ट्रैक का निरीक्षण करने निकला। इस दौरान सीआरएस ने कई रीडिंग लीं। उन्होंने मढ़ीनाथ रेलवे क्रासिंग पर ट्रैक ज्वाइंट पर थोड़ा अंतर पाया गया। यहां ट्रैक ज्वाइंट की कैंची को सही ढंग से नहीं जोड़ा गया था, जिसे ठीक करने के निर्देश दिए गए। मढ़ीनाथ ओवरब्रिज के नीचे ट्रैक और ऊंचाई की नापजोख सही मिली।
जंक्शन पर पहुंचकर प्लेटफार्म और ट्रैक के बीच की दूरी नापी, जिसमें थोड़ी कमी पाई गई। इस पर एक इंजीनियरिंग के अधिकारी को प्रशासनिक अधिकारी ने जमकर हड़काया और ठीक करने के निर्देश दिए। इसके बाद जंक्शन के पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशन का निरीक्षण किया। यात्री हाल में बीच में पंखे लगाए जाने पर दीवारों के किनारे लगीं सीटों तक हवा न पहुंचने की बात कही गई। वहीं पैनल रूम में पहुंचकर सीआरएस ने संबंधित अधिकारी से सवाल जवाब किए। अधिकारी को पैनल संचालन का अनुभव होने की बात सुनकर सीआरएस खुश हुए। वहीं जंक्शन पर फुट ओवरब्रिज के खंभे पर सीमेंट के थपड़े लगे होने के साथ जंक पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारी को खुद ही यहां खडे़ होकर इसे सही कराने के निर्देश दिए। इसके बाद सीआरएस का काफिला रामगंगा की तरफ निरीक्षण करता हुआ पहुंचा। फिर स्पीड ट्रायल हुआ। रामगंगा ब्रिज से चली सीआरएस की निरीक्षण स्पेशल ट्रेन 8.91 किमी. की दूरी 70 की स्पीड से महज 13 मिनट में तय करके सिटी स्टेशन पहुंच गई। देर रात सीआरएस वापस कोलकाता के लिए रवाना हो गए।
जंक्शन पर शौचालय की गंदगी प्लेटफार्म पर फैली पाई गई
सीआरएस की टीम जब जंक्शन पर पूर्वोत्तर रेलवे के प्लेटफार्म नंबर पांच पर फुट ओवरब्रिज का नीचे से निरीक्षण कर रही थी, तभी ओवरब्र्रिज के नीचे बने शौचालय का गंदा पानी प्लेटफार्म पर बह रहा था, जबकि इस कमी को छुपाने के लिए चूना डाला गया था, लेकिन गंदगी फिर भी बह रही थी। इसे देख नाराजगी जताई गई।
यह है पूरी योजना
बरेली सिटी-रामगंगा रेल खंड का अमान परिवर्तन कार्य जुलाई 2014 में 35 करोड़ करोड़ की लागत से शुरू हुआ था। इस खंड पर दो बड़े पुल, एक रक्षित समपार फाटक और एक सीमित ऊंचाई का पुल बनाया गया। जिसका बुधवार को सीआरएस ने निरीक्षण किया।
सप्ताह भर में आ जाएगी सीआरएस की रिपोर्ट
रेलवे के उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि मामूली कमियां दूर होने के बाद ट्रैक ओके हो जाएगा। साथ ही सीआरएस की सप्ताह भर में रिपोर्ट आ जाएगी। सीआरएस ने ट्रैक के साथ ही सिग्नल, लोको, लूप लाइन आदि का निरीक्षण किया, जिसकी रीडिंग उनकी टीम ने नोट की है। इसका अवलोकन करने के बाद रिपोर्ट भेजी जाएगी।
सीआरएस निरीक्षण हो गया है, जो कमियां बताई गईं हैं, उन्हें एक-दो दिन में पूरा करा लिया जाएगा। अब निरीक्षण रिपोर्ट का इंतजार है। अनुमति मिलते ही ट्रैक पर गाड़ियां चला दी जाएंगी। इसकी तैयारी कर ली गई है।
- निखिल पांडेय, डीआरएम
ये अधिकारी रहे निरीक्षण में शामिल
सीआरएस पीके आचार्या के साथ एनईआर रेलवे के गोरखपुर मुख्यालय के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) ललित मोहन झा, मुख्य इंजीनियर (निर्माण/उत्तर) रामजनम, मुख्य सिग्नल एवं दूर संचार इंजीनियर (वर्क्स) एसएन साह, मुख्य इंजीनियर (टीएमसी) प्रवीण खुराना, उप रेल संरक्षा आयुक्त (इंजीनियरिंग) राजीव गुप्ता, उप मुख्य संरक्षा अधिकारी भीम सिंह, डीआरएम निखिल पांडेय आदि मौजूद रहे।