स्थानीय लोगों के मुताबिक सिर्फ पांच दिन अलाव जलवाकर भूल गए जिम्मेदार
बरेली। कड़ाके की ठंड से राहत दिलाने के लिए शहर में जोरशोर से जलाए गए अलाव अब बुझने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने पार्षद और अफसरों से इस मामले की शिकायत की है। शिकायत के मुताबिक, चयनित 45 जगहों में से केवल 25 जगहों पर अलाव जलाया जा रहा है। शेष 20 जगहों पर अलाव जलना तो दूर मौके पर लकड़ियां तक नहीं भेजी जा रही हैं।
राम जानकी मंदिर, सूद धर्मकांटा, सौ फुटा समेत शहर के करीब 20 इलाकों में बीते तीन दिनों से अलाव नहीं जलने की शिकायत की गई है। इन इलाकों के रहने वालों के मुताबिक लकड़ियां न भेजे जाने के कारण अलाव नहीं जल पा रहे हैं। जिससे राहगीरों समेत जरूरतमंदों को काफी दिक्कत हो रही है। बताया जाता है कि बीते सालों में अलाव जलाने के लिए निगम की ओर से टेंडर किया जाता था, जो कि इस बार स्थगित रहा। जब कड़ाके की ठंड पड़ी तो आनन-फानन में टेंडर निकाला गया मगर अब तक टेंडर खुला नहीं हैं। अधर में अटकी टेंडर प्रक्रिया के चलते अलाव बुझते जा रहे हैं। उधर, मौसम विभाग ने दो दिन बाद कड़ाके की ठंड की चेतावनी जारी की है। मामले पर नगर आयुक्त अभिषेक आनंद को कॉल की गई मगर संपर्क न हो सका।