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कोरोना वायरस: सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाना पत्रकार को पड़ा भारी, डीएम ने जारी की नोटिस

Sun, 22 Mar 2020 10:38 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
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कोरोना वायरस(सांकेतिक तस्वीर)
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कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर लखीमपुर खीरी के डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने सख्ती दिखाई है। शुक्रवार  शाम सोशल मीडिया पर एक पत्रकार ने खबर फैलाई कि लखीमपुर खीरी पर संकट के बादल छा रहे हैं। उन्होंने लिखा कि छह विधायक, दर्जनों अधिकारी और 50 पत्रकार कोरोना संदिग्ध के दायरे में आ गए हैं। 
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इसके बाद इसे सच मान कर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इससे विधायकों, अधिकारियों समेत पत्रकारों में अफरा-तफरी मच गई। डीएम ने पत्रकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी है।

प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया ने प्रदेश सरकार के तीन वर्ष पूरे होने पर गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में उपलब्धि पुस्तिका का विमोचन और प्रेसवार्ता की थी। इसमें छह विधायक, डीएम, एसपी, सीडीओ, सीएमओ समेत दर्जनों अधिकारी और करीब 50 पत्रकार भी मौजूद थे। 
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प्रेसवार्ता में शामिल होने वाले सभी पत्रकारों को सैनिटाइज और जांच करके ही अंदर भेजा गया था। शुक्रवार को सिंगर कनिका कपूर को कोरोना पाजिटिव पाए जाने और उनके साथ पार्टियों में मंत्रियों की मौजूदगी की खबर आई। इसके बाद लखनऊ से प्रकाशित एक अखबार के पत्रकार ने खबर फैलाई कि यूपी के स्वास्थ्य मंत्री जो कनिका कपूर के कार्यक्रम में शामिल थे उनसे प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया ने मुलाकात की थी।
 
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पत्रकार ने कहा कि इसके बाद प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया ने कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री को गुलदस्ता भेंट किया। इसके बाद हुए प्रेस वार्ता में छह विधायक, दर्जनों अधिकारी और 50 पत्रकार मौजूद थे। इसके बाद उस पत्रकार ने प्रभारी मंत्री, मुख्यमंत्री समेत जनपद के छह विधायकों, आला अफसरों समेत 50 पत्रकारों को कोरोना संदिग्ध बताते हुए तत्काल जांच कराने की मांग की।

यह खबर सोशल मीडिया पर शुक्रवार की रात से वायरल हुई, जो शनिवार को लोगों में चर्चा का विषय बन गई। विधायकों, अधिकारियों और पत्रकारों में खलबली मची, तो डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने इस पर स्वत: संज्ञान लिया। शासन द्वारा 14 मार्च, 2020 को कोविड 19 के संबंध में अधिसूचना जारी किए जाने का हवाला देते हुए डीएम ने उस पत्रकार द्वारा फैलाई गई अफवाह को दंडनीय अपराध बताया।

डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कोविड 19 के बारे में कोई सूचना या खबर प्रकाशित करने से पूर्व जिला प्रशासन से तथ्यों की पुष्टि करना आवश्यक है। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें चलाने से भय और अफरा-तफरी का माहौल बनता है, जो दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
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