पत्रकार ने कहा कि इसके बाद प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया ने कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री को गुलदस्ता भेंट किया। इसके बाद हुए प्रेस वार्ता में छह विधायक, दर्जनों अधिकारी और 50 पत्रकार मौजूद थे। इसके बाद उस पत्रकार ने प्रभारी मंत्री, मुख्यमंत्री समेत जनपद के छह विधायकों, आला अफसरों समेत 50 पत्रकारों को कोरोना संदिग्ध बताते हुए तत्काल जांच कराने की मांग की।
यह खबर सोशल मीडिया पर शुक्रवार की रात से वायरल हुई, जो शनिवार को लोगों में चर्चा का विषय बन गई। विधायकों, अधिकारियों और पत्रकारों में खलबली मची, तो डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने इस पर स्वत: संज्ञान लिया। शासन द्वारा 14 मार्च, 2020 को कोविड 19 के संबंध में अधिसूचना जारी किए जाने का हवाला देते हुए डीएम ने उस पत्रकार द्वारा फैलाई गई अफवाह को दंडनीय अपराध बताया।
डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कोविड 19 के बारे में कोई सूचना या खबर प्रकाशित करने से पूर्व जिला प्रशासन से तथ्यों की पुष्टि करना आवश्यक है। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें चलाने से भय और अफरा-तफरी का माहौल बनता है, जो दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।