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कोरोना ने लाख डराया फिर भी मिठाई का मोह नहीं छूट पाया

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मिठाई की दुकान पर लगी लोगों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सुबह होते ही छोटी-बड़ी मिठाई की दुकानें ग्राहकों से भरी नजर आईं, केला-सेब ने बाजी मारी

बरेली। रक्षाबंधन पर सुबह होते ही छोटी-बड़ी सभी मिठाई-राखी की दुकानें खुल गईं। फलों के ठेले और फड़ भी लग गए। दोपहर में हुई तेज बारिश भी बाजार को प्रभावित नहीं कर पाई। लोगों का आवागमन जारी रहा और त्योहार पर जमकर खरीदारी करते रहे। बाजार में कोरोना का कहीं कोई डर नहीं दिखा।
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दो दिन के साप्ताहिक लॉकडाउन के बावजूद रक्षाबंधन पर रविवार और सोमवार को मिठाई, राखी और फलों का कारोबार उम्मीद से ज्यादा हुआ है। कंटेन्मेंट जोन समेत सभी जगह मिठाई की दुकानों पर भीड़ ने यह साबित कर दिया कि कोराना ने लाख डराया, लेकिन लोग त्योहार पर मिठाई का मोह नहीं छोड़ पाए। वैसे भी रक्षाबंधन मिठाई और फलों के बगैर नहीं मनाया जा सकता।

सुबह से ही दुकानों पर जुटी भीड़ फलों की भी जमकर की खरीदारी

शहर से लेकर गांव-देहात तक सोमवार सुबह होते ही मिठाई-राखी-फल की दुकानें सज गईं थीं, जबकि बाजार खुलने का समय सुबह नौ बजे से था। मिठाई की दुकानों पर जो आइटम उपलब्ध थे, वही ग्राहकों ने खरीदे, कुछ दुकानों पर शाम होते होते स्टॉक निल हो गया। खरीदारों की स्थिति यह थी कि वे एक-दूसरे से सटे नजर आए। रक्षाबंधन पर श्यामगंज किराना और अन्य बाजार बंद रहे। लिहाजा सड़कों पर भीड़भाड़ कम रही। मिठाई-राखी के साथ ही फल बाजार में ज्यादा कारोबार हुआ। केला-सेब की मांग सबसे ज्यादा रही। फल विक्रेताओं ने बताया कि रक्षाबंधन पर फलों की मांग सप्लाई से ज्यादा हो गई इससे लोगों को अच्छी क्वालिटी के फल नहीं मिल पाए। उधर, दिल्ली मंडी में रविवार को काम नहीं हुआ, इसलिए वहां से माल नहीं आ पाया। बाजार में सबसे ज्यादा मांग कश्मीरी सेव की रही।
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