कोविड अस्पताल में भी मनाया गया रक्षा बंधन का पर्व।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
कोविड अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने बहनों से राखियां लेकर भाइयों की कलाई पर बांधीं
बरेली। कोविड अस्पताल में उस समय माहौल भावुक हो गया जब वहां भर्ती कोरोना संक्रमितों को उनकी बहनें राखी बांधने पहुंचीं। यह नजारा देख स्वास्थ्यकर्मी भी भावुक हो गए। खुद राखी न बांध पाने की बेबसी से बहनों की आंखें छलकने लगीं तो स्वास्थ्यकर्मी उनकी मदद के लिए आगे आए। उन्होंने बहनों से राखियां लेकर उनके भाइयों की कलाइयों पर बांधी। महिला संक्रमितों को भाइयों की कमी महसूस न हो इसलिए स्वास्थ्य कर्मियों ने उनसे राखी बंधवाई।
भाई-बहन के अटूट प्रेम के प्रतीक रक्षाबंधन पर संक्रमितों को परिवार से दूर होने का एहसास न हो, इसके लिए कोविड अस्पतालों के स्टाफ ने विशेष इंतजाम किए। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना था कि संक्रमितों को रक्षाबंधन पर अपनों से दूर होने की टीस न हो, इसके लिए स्टाफ की ओर से सरप्राइज देने की योजना बनाई गई थी। संक्रमितों के परिवारों से बात करके उन्हें बता दिया गया कि बहने राखी लेकर आ सकती हैं। उच्चाधिकारियों से अनुमति मिलने की वजह से इसमें कहीं कोई अड़चन भी नहीं आई। तीन सौ बेड के कोविड अस्पताल के अलावा भोजीपुरा और दिल्ली हाइवे स्थित कोविड एल-2 समेत पीलीभीत बाईपास स्थित कोविड एल-3 अस्पताल में भी रक्षाबंधन पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। संक्रमितों ने फोटो और वीडियो वायरल कर यादगार पलों को साझा किया।
स्टाफ और संक्रमितों समेत ढाई सौ लोगों को दिए गिफ्ट
रक्षाबंधन पर कोरोना संक्रमितों को भोजीपुरा कोविड एल-2 अस्पताल की ओर से तोहफे और चॉकलेट बांटी गई। संक्रमितों को उनकी बहनों की ओर से भेजी गईं राखी बांधी गईं। स्वास्थ्य कर्मियों ने राखी बांधकर उनका मुंह मीठा कराया और आरती उतारी। इस दौरान 134 महिला स्टाफ को अस्पताल प्रशासन की ओर से गिफ्ट और सूट दिए गए। डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन ने बताया कि किसी भी संक्रमित को परिवार से दूर होने की कमी का एहसास न हो, इसलिए यह आयोजन किया गया।