फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना का प्रभावः रावण के साथ इस बार नहीं होगा कुंभकर्ण और मेघनाथ का दहन

विज्ञापन
बाजार में बिक रहे रावण और अन्य पुतले। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
विज्ञापन

केवल तीन जगह ही शाम को ही जलाया जाएगा रावण का पुतला

बरेली। कोरोना संक्रमण को देखते हुए रामलीला आयोजन समितियों ने इस बार केवल रावण का पुतला दहन करने का निर्णय लिया है। वह भी शाम होते ही जला दिया जाएगा। हर बार की तरह इस बार रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाथ का पुतला दहन नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन

दशहरे पर होने वाली रामलीला इस बार सरकार की कोविड गाइड लाइन के अनुसार ही हुई। शहर में चौधरी तालाब में रामलीला का मंचन हुआ लेकिन सुभाषनगर में रामलीला का रोजाना सिर्फ पाठ किया गया। रविवार को दशहरा है। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले जलाने की परंपरा रही है। लेकिन इस बार कोविड को देखते हुए आयोजन समितियां पुतला दहन की सिर्फ औपचारिकता पूरी करेंगी। रामलीला की आयोजन समितियों ने इस बार सिर्फ रावण का पुतला जलाने का फैसला लिया है। श्री रानी लक्ष्मीबाई रामलीला समिति चौधरी तालाब कमेटी के महामंत्री धीरेंद्र शुक्ला ने बताया कि सरकार की गाइड लाइन के चलते केवल दस फुट के रावण के पुतले को शाम को पांच बजे ही जला दिया जाएगा। रामलीला मंचन के अंतिम दिन राम रावण युद्ध का मंचन किया गया। किसी भी मेले का आयोजन नहीं होगा। सुभाषनगर रामलीला कमेटी के आलोक तायल ने बताया कि शाम साढ़े पांच बजे रावण का पुतला दहन होगा।
सुभाषनगर रामलीला में पंडित प्रदीप चौबे, डॉ. अनिल मिश्रा, मेघनाथ वध, सती सुलोचना, अहिरावण वध का लीला का गायन किया गया है। श्री रामलीला सर्व जाति समिति के तत्वावधान में हर साल कटरा चांद खां में मौर्य मंदिर के पास रामलीला होती है। कमेटी के महामंत्री दिनेश दद्दा एडवोकेट ने बताया कि प्रशासन की अनुमति न मिलने पर रामलीला का मंचन नहीं किया गया, लेकिन रावण के दस फिट के पुतले का दहन किया जाएगा। जिससे परंपरा न टूटे। जोगी नवादा में इस साल रामलीला का मंचन नहीं किया गया। रामलीला समिति के संजीव कुमार ने बताया कि इस साल दंगल और अन्य कार्यक्रम भी स्थगित कर दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें