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कोरोना का कहर: अतिसंवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी सख्ती, सभी की जांच होगी

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demo photo - फोटो : अमर उजाला
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संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयार किया एक्शन प्लान
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सिविल लाइंस, राजेंद्रनगर, सुभाषनगर में सर्वाधिक संक्रमित होने की आशंका

बरेली। संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे मामलों ने जिले में दूसरी लहर की आशंका बढ़ा दी है। रोकथाम के लिए शासन ने संक्रमितों की ज्यादा तादाद वाले इलाकों में सख्ती से कोविड प्रोटोकॉल लागू करने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब अतिसंवेदनशील जिलों की रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। इसमें 10 दिनों का डाटा शासन को भेजा जाएगा।
बरेली जनपद करीब एक महीना पहले अतिसंवेदनशील जिलों की सूची से बाहर हो गया था। अब दिल्ली में संक्रमण बढ़ने के चलते बरेली में भी संक्रमितों की तादाद बढ़ रही है। निर्धारित सैंपल में प्रतिदिन 25 से 30 संक्रमित मिल रहे थे। अब इनमें 30 फीसदी तक की बढ़त की बात कही जा रही है। इससे अफसर चिंतित हैं। सप्ताह भर पहले दिल्ली हाईवे पर फतेहगंज पश्चिमी के पास टोल प्लाजा पर जांच कैंप लगाकर दिल्ली से आने वालों की जांच शुरू करा दी गई। अब तक 35 से ज्यादा लोग संक्रमित मिले हैं। रेलवे जंक्शन पर भी एंटीजन से जांच की जा रही है। संक्रमितों की लगातार बढ़ रही संख्या को देखते हुए अब अतिसंवेदनशील जिलों की सूची तैयार कराई जा रही है। अतिसंवेदनशील जिलों में सैंपलिंग के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके लिए नेेशनल अर्बन लाइवलीहुड मिशन यानी एनयूएलएम को जिम्मेदारी दी गई है।

सिविल लाइंस में मिल रहे हैं सर्वाधिक संक्रमित

स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रतिदिन की रिपोर्ट में सिविल लाइंस, राजेंद्रनगर, सुभाषनगर और इज्जतनगर में सर्वाधिक संक्रमित मिल रहे हैं। इसे देखते हुए अब यहां जांच कैंप लगाए जा रहे हैं। रामपुर गार्डन के अग्रसेन पार्क में हर दिन कोरोना की जांच के लिए कैंप लगना शुरू हो गया है। इसके अलावा हेल्थ सेंटर पर भी जांच शुरू करा दी गई है। जिला अस्पताल के प्रशासनिक भवन के पास फीवर वार्ड में भी जांच की जा रही है।
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टोल प्लाजा पर जो निगेटिव मिले वे भी हो सकते हैं संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि टोल प्लाजा पर हर दिन करीब डेढ़ सौ से ज्यादा सैंपल की जांच हो रही है। इसमें जो निगेटिव पाए जा रहे हैं, उन्हें भी पांच से सात दिन में लक्षण उभरने पर जांच कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इनमें से कुछेक ने जांच कराई तो वे संक्रमित भी मिले हैं। ऐसे में जो निगेटिव आए हैं उनकी जांच भी कैंपों में की जाएगी।

संक्रमण की रोकथाम के लिए ऐसे इलाके ट्रेस किए जा रहे हैं, जहां पर संक्रमितों की तादाद सबसे ज्यादा है। ताकि वहां पर रोस्टर बनाकर सैंपलिंग की जा सके। सर्वे सर्विलांस को भी सख्ती से सक्रिय किया जा सके। - डॉ. अशोक कुमार, एसीएमओ

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