प्रदेश सरकार के कोरोना वायरस को महामारी घोषित करने के बाद कक्षा एक से 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल 22 मार्च तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। बीएसए विनय कुमार की ओर से जारी पत्र में सभी परिषदीय नियंत्रणाधीन प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, अशासकीय, सहायता प्राप्त और हिंदी अंग्रेजी माध्यम के मान्यता प्राप्त सभी विद्यालयों के अलावा सभी बोर्ड से संबद्ध कॉलेज 14 से 22 मार्च तक बंद रहेंगे।
बीएसए ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में अब पूर्व निर्धारित तिथि 16 से 23 मार्च के बीच अब परीक्षाएं नहीं होंगी। वहीं, विशेष सचिव आनंद कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश के मुताबिक परीक्षाएं 23 से 28 मार्च तक संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कोरोना वायरस से बचाव के बाबत वृहद जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सभी शिक्षकों को प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूलों में बैनर, पोस्टर, होर्डिंग और फ्लैक्स आदि लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, प्रधानाचार्यों को पंफलेट उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें ‘क्या करें और क्या न करें’ की जानकारी देने को कहा गया है। तीन अप्रैल से स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ करने को कहा गया है। आदेशों की अवहेलना करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मूल्यांकन केंद्रों पर कीटनाशक के छिड़काव का निर्देश
कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका के चलते डीआईओएस ने 16 मार्च से शुरू हो रहे हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा के मूल्यांकन के लिए निर्धारित केंद्रों पर साफ सफाई रखने के निर्देश दिए हैं। इसमें प्रतिदिन सभी कक्षों में एक बार और शौचालयों में दो बार कीटनाशक का छिड़काव करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, केंद्र पर हाथ धोने के लिए साबुन, शुद्ध पेयजल आदि की समुचित व्यवस्था करने को कहा है।
निष्ठा एप की ट्रेनिंग स्थगित करने की मांग उठी
स्कूलों में अवकाश घोषित करने के बाद शुक्रवार की दोपहर बिथरी में आदर्श कन्या विद्यालय में चल रहे प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ब्लॉक अध्यक्ष केसी पटेल, ऋषि पाल सिंह, राजीव लोचन आदि शिक्षक पहुंचे। उन्होंने प्रशिक्षण को स्थगित करने की मांग की। मामले पर बीएसए ने शासनादेश के बाद ही निर्णय लेने को कहा है।