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कोरोना के खौफ और सख्ती से रक्षाबंधन-बकरीद पर भी संकट

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बड़ा बाजार में लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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एक अगस्त को बकरीद के साथ मिनी लॉकडाउन के चलते व्यापारी परेशान
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रक्षाबंधन से पहले मिठाई-राखी कहां और कैसे बिके, इस पर उलझन
प्रशासन ने अब तक तय नहीं किए नियम-कायदे

बरेली। एक तो कोरोना का खौफ ऊपर से पुलिस-प्रशासन की सख्ती इस बार रक्षाबंधन और बकरीद दोनों पर काफी भारी पड़ रही है। सबसे बड़ा संकट यह है कि बकरीद एक और रक्षाबंधन तीन अगस्त को मनाया जाना है जबकि इसी बीच एक और दो अगस्त यानी शनिवार और रविवार को मिनी लॉकडाउन के तहत पूरी तरह बंदी रहनी है। लिहाजा कारोबारियों से लेकर आम लोगों तक के सामने सवाल ही सवाल हैं। एक तरफ जरूरी चीजें खरीदने की मुश्किल है तो दूसरी तरफ दोनों प्रमुख त्योहारों पर कारोबार शून्य रह जाने की। उधर, प्रशासन की ओर से अब तक मिनी लॉकडाउन में किसी भी तरह की राहत देने का कोई संकेत नहीं दिया गया है लिहाजा बेचैनी बढ़ती ही जा रही है।
रक्षाबंधन और बकरीद पर पहली बार इस तरह का संकट सामने आया है। लॉकडाउन के दिन बकरीद पड़ने से मुस्लिम समुदाय में ज्यादा ही बेचैनी है, साथ ही कारोबारियों का भी यही हाल है। बकरीद का त्योहार आमतौर पर तीन दिन मनाया जाता है लेकिन इनमें से दो दिन लॉकडाउन रहना है। इसी कारण मुस्लिम समुदाय के सामने बड़ा सवाल है कि इस बार वे अपना विशिष्ट त्योहार आखिर कैसे मनाएंगे। इसके बाद तीन अगस्त को रक्षाबंधन है। इसी दिन सावन का अंतिम सोमवार भी पड़ेगा। आमतौर पर रक्षाबंधन पर कई दिन पहले से मिठाई-फल और राखियों का कारोबार शुरू हो जाता है लिहाजा हिंदू समुदाय के सामने भी यह सवाल है कि रक्षाबंधन की तैयारियां वे लोग कैसे करेंगे। दो दिन पहले तक मिनी लॉकडाउन होने से बाजार बंद रहेंगे। इससे पहले शुक्रवार को मिठाई खरीदकर उसे सोमवार तक सुरक्षित रखना भी मुश्किल है।

नहीं लगे राखियों के अस्थाई बाजार, व्यापारियों की मांग पर भी प्रशासन ने नहीं किया विचार

हर साल राखी बेचने वाले छोटे कारोबारियों के अस्थाई बाजार कुतुबखाना और श्यामगंज समेत कई इलाकों में लगते रहे हैं। इस बार लॉकडाउन की वजह से ऐसा नहीं हो पा रहा है। व्यापारी कल्याण बोर्ड सदस्य पवन अरोरा और भाजपा व्यापार मंडल के अध्यक्ष ऋतुराज बास ने जिला प्रशासन से जीआईसी ग्राउंड में राखियों का अस्थाई बाजार लगवाने का आग्रह किया था। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने भी डीएम नीतीश कुमार से बात कर राखी बाजार लगवाने की पैरवी की लेकिन फिर भी प्रशासन ने अब तक इसको लेकर कोई योजना नहीं बनाई है। आमतौर पर दो सप्ताह पहले ही रक्षाबंधन का बाजार सजने लगता था। इस बीच मिठाई कारोबारियों ने प्रशासन से शनिवार और रविवार को मिठाई कारोबार की अनुमति देने का आग्रह किया है। हालांकि इस पर भी प्रशासन की कोई प्रतिक्रिया अब तक नहीं मिली है।

नियमों के मुताबिक शनिवार और रविवार को बाजार नहीं खुलेगा जबकि इन्हीं दोनों दिन में मिठाई की त्योहारी सेल होनी है। प्रशासन से आग्रह किया है कि इन दो दिन में मिठाई कारोबार करने की छूट दे दी जाए। - देवेंद्र खंडेलवाल, मिष्ठान विक्रेता एसोसिएशन

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बकरीद और रक्षाबंधन दो दिन के अंतर पर हैं। दोनों त्योहारों पर मिठाई-ड्राई फ्रूट की सेल होती है मगर शनिवार और रविवार को बाजार बंद रहा तो कारोबार चौपट होने के साथ ग्राहक भी परेशान होंगे। प्रशासन से दुकानें खोलने की छूट देने का आग्रह किया है। - दिलीप गुप्ता, मिठाई कारोबारी

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