लालफाटक ओवरब्रिज के लिए जमीन के अधिग्रहण पर फिर लगा ब्रेक
विज्ञापन
प्रोजेक्ट में लगातार हो रही देरी से सेतु निगम के अधिकारी परेशान
बरेली। कोरोना संक्रमण की वजह से रक्षा मंत्रालय में बाहरी लोगों का प्रवेश बंद होने से लालफाटक ओवरब्रिज के लिए जमीन के अधिग्रहण का मामला फिर ठंडा हो गया है। दरअसल, सेतु निगम के अधिकारियों ने कैंट में जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इस पर शासन ने रक्षा मंत्रालय को चिट्ठी भेज दी, लेकिन वह कहीं गुम हो गई है। पत्र ढूंढने के लिए सेतु निगम के अधिकारियों ने रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से बात की तो पता चला कि अभी मंत्रालय के अंदर किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है।
सेतु निगम को लालफाटक पर ओवरब्रिज का निर्माण पूरा करने के लिए कैंट क्षेत्र में करीब 65 सौ वर्गमीटर जमीन का अधिग्रहण करना है। इसके लिए सेना को एनओसी देनी है। करीब छह महीने पहले सेतु निगम और प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा था। शासन ने इस प्रस्ताव को अपने पत्र के साथ रक्षा मंत्रालय को भेज दिया। काफी समय बाद भी जब वहां से कोई जवाब नहीं मिला तो सेतु निगम के अधिकारियों ने दोबारा पैरवी की। तब पता चला कि शासन से भेजा गया पत्र रक्षा मंत्रालय के अफसरों तक पहुंचा ही नहीं है। पत्र कहीं गुम हो गया है। इसे ढूंढने के लिए सेतु निगम के सीपीएम ने रक्षा मंत्रालय में स्टाफ भेजने का मन बनाया तो पता चला कि कोरोना की वजह से किसी भी बाहरी व्यक्ति को मंत्रालय में नहीं जाने दिया जा रहा है। लिहाजा जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।
काफी समय से खड़ी पाइलिंग मशीन, रेलवे नहीं शुरू कर रहा काम
लालफाटक पर ओवरब्रिज का काम शुरू करने में रेलवे के अधिकारी लगातार लापरवाही कर रहे हैं। यहां पाइलिंग मशीन काफी समय से खड़ी है। अधिकारी काम शुरू करने के लिए आज-कल कहते हुए ऐसे ही समय गुजार रहे हैं। इससे इस प्रोजेक्ट को शुरू करने में लगातार देरी हो रही है। अफसरों का कहना है कि अब काम रक्षाबंधन के बाद ही शुरू हो सकेगा।
कैंट में भूमि अधिग्रहण के लिए भेजी गई चिट्ठी का पता लगाने के लिए रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से बात की है, लेकिन कोरोना की वजह से अभी किसी बाहरी व्यक्ति को मंत्रालय में नहीं जाने दिया जा रहा है। - देवेंद्र सिंह, सीपीएम, सेतु निगम