पीलीभीत। तीन दिन पहले तबीयत खराब होने के बाद और फिर कई बार अधीनस्थ कर्मचारियों के कहने के बावजूद डिप्टी सीएमओ डॉ. सीएम चतुर्वेदी द्वारा जांच न कराना भारी पड़ सकता है। कारण यह है कि इन तीन दिनों में वह लगातार सरकारी काम करते रहे। ट्रूनेट जांच में संक्रमित पाए जाने के बाद फिलहाल डॉ. चतुर्वेदी को कोविड अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।
कोरोना महामारी में पूरे जनपद की व्यवस्था का भार संभाले एसीएमओ डॉ. चतुर्वेदी जांच रिपोर्ट आने के बाद विभाग के लोग काफी देर तक मामले को दबाए रहे। मगर बाद में यह बात बाहर आ गई। ट्रनेट मशीन से जांच में संक्रमित पाए जाने के बाद डॉ. चतुर्वेदी जिला अस्पताल की आवासीय कॉलोनी स्थित घर पर टीम पहुंची और उन्हें एंबुलेंस से कोविड अस्पताल ले गई।
वह हॉटस्पॉट एरिया में जाकर संक्रमितों की छानबीन करते रहे हैं। मरीजों को क्वारंटीन सेंटर पर लाने की व्यवस्था भी देखते हैं। सीएमओ कार्यालय में भी दिन में कई बार शासन को रिपोर्ट भेजने के लिए इनकी मौजूदगी रहती है। वह सीएमओ दफ्तर के स्टाफ के भी लगातार संपर्क में रहते हैं। बताते हैं कि तीन दिन पहले डीएम के यहां हुई बैठक में वह कई अधिकारियों से मिले थे। तभी उनकी तबीयत खराब हुई थी। तभी विभागीय लोगों ने उनसे एक बार कोरोना की जांच करा लेने का आग्रह किया था मगर उन्होंने यह कहकर टाल दिया था कि उन्होंने खाना नहीं खाया था, इसलिए चक्कर आ गए। मगर उनके अधीनस्थ कर्मचारी लगातार आशंकित बने हुए थे। सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों की आशंका गुरुवार को सही निकली।