बीसलपुर। 27 महीने से लापता युवक चंडीगढ़ के पंचकूला मंदिर में साधु वेश में मिल गया। पूछने पर उसने मानसिक रुप से अस्वस्थ होने और फिर साधु बनने की बात कही। उसने रंजिश में अपहरण से इनकार कर दिया। अब पुलिस हत्या कर शव गायब करने की बेटी की ओर से दर्ज एफआईआर निरस्त करने की कार्रवाई करेगी। झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए उसकी बेटी पर शिकंजा भी कसा जा सकता है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव नगीपुर भड़रिया निवासी प्रेमपाल 13 मार्च 2018 को रहस्यमय ढंग से लापता हो गए थे। कोई जानकारी न मिलने पर बेटी मंजू ने पिता की हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाते हुए 29 अगस्त 2019 को कोर्ट के आदेश पर गांव के तीन लोगों पर नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिता की हत्या के पीछे रुपये के लेनदेन का विवाद बताया था। इस मामले की विवेचना अभी चल रही है। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि प्रेमपाल चंडीगढ़ में है। इस पर सोमवार को पुलिस चंडीगढ़ गई, वहां पंचकूला मंदिर में साधु वेश में प्रेमपाल मिल गया। पुलिस उसे लेकर वापस आ गई। सीओ लल्लन सिंह ने कोतवाली पहुंचकर उससे पूछताछ की। प्रेमपाल ने बताया कि वह मानसिक रुप से अस्वस्थ हो गया था। 13 मार्च 2018 को गांव के एक व्यक्ति की बाइक से बीसलपुर आया। फिर वहां से ट्रेन से शाहजहांपुर पहुंचा। इसके बाद कुछ दिन हरिद्वार में रहा। वहां से पंचकूला के एक मंदिर में साधू बनकर रहने लगा। कोतवाल सुनील शर्मा ने बताया कि न तो प्रेमपाल को अगवा किया गया, न ही उसे कोई चोट पहुंचाई गई। बेटी की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट झूठी है। उसे निरस्त किया जाएगा। उच्चाधिकारियों से बातचीत के बाद झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।